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क्रिप्टो करेंसी का जालसाज फिर घूम रहा है राजधानी की सड़कों पर खुलेआम

दरियाबाद से माननीय बनने के लिए लखनऊ में रहकर रची जा रही है राजनैतिक साजिश, वही बाराबंकी पुलिस भूल गई गैंगेस्टर की कार्यवाही, अन्य आरोपियों पर पुलिस मेहरबान, चर्चाओं का बाजार गर्म।

सुधीर शर्मा/धारा लक्ष्य समाचार

बाराबंकी। आगामी लोक सभा चुनाव को लेकर जहां प्रशासन जीतोड़ मेहनत कर रहा है तो वही पुलिस विभाग करोड़ों की ठगी करने वाले आशीष सिंह के गिरोह के 34 अन्य व्यक्तियों पर खासा मेहरबान नजर आ रही है, करीब 2 माह बाद भी अन्य मुल्जिमान पुलिस की पहुंच से दूर नजर आ रहे है। जो चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं, वहीं पुलिस ने आशीष सिंह सिसोदिया को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था किन्तु करीब एक सप्ताह पूर्व जेल से छूटने के बाद आशीष सिंह दरियाबाद से माननीय बनने के लिए राजधानी में बैठकर अपनी राजनैतिक पकड़ को मजबूत बनाने की भरसक कोशिश कर रहा है। मालूम हो कि शातिर ठग ने अपने गिरोह में कई महिलाओं व पुरूषों को भी शामिल कर रखा है। ं इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठना  लाजिमी है। 
मालूम हो कि स्वाट टीम व थाना रामसनेही घाट की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा दस हजार रूपये का वांछित अपराधी आशीष सिसौदिया पुत्र केशवबक्श, पूरे दुनिया मजरे हकामी थाना असन्द्रा बाराबंकी को 9 फरवरी को खरगापुर से गिरफ्तार किया। कब्जे से कार नं0 यूपी 32 एनआर 2499 बरामद किया। अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी अभी तक नहीं हुई है। आशीष के साथ में रहने वाले लोगों के क्रिया-कलापों की जांच की जानी चाहिए ताकि समाज में झूठा प्रचार करने वाले सलाखों के पीछे पहुंच सके। 

आशीष सिंह का आपराधिक इतिहास


(1) लखनऊ, थाना विभूतिखण्ड, मु0अ0स0-469/2023, धारा-376, 409, 420,147, 323, 504, 506
(2) लखनऊ, थाना इंदिरानगर, मुअस 80/2022, धारा-406, 420, 504, 506, 3(1)(घ), 66डी
(3) लखनऊ, थाना इंदिरानगर, मु0अ0सं0-275/2022, धारा 174ए
(4) लखनऊ, थाना इन्दिरानगर, मु0अ0सं0-309/2022, धारा 406, 420, 504, 506 आईपीसी व 3 (2)(5ए) एस0सी0एस0टी0 एक्ट
(5) लखनऊ, थाना चिनहट, मु0अ0सं0 182/2022, धारा 406, 420, 504, 506, 138
(6) लखनऊ, थाना चिनहट, मु0अ0सं0 – 652/2022, धारा-406, 420
(7) लखनऊ, थाना इंदिरानगर, मु0अ0सं0 309/2022, धारा-406,420, 504,506,3(2) (अं)
(8) लखनऊ, थाना बीबीडी, मु0अ0सं0- 262/2023, धारा-406, 420, 506 आईपीसी
(9) बाराबंकी, थाना कोतवाली, मु0अ0सं0- 890/2022, धारा-420, 406, 504, 506
(10) बाराबंकी, थाना कोतवाली मु0अ0स0-715/2022, धारा-420, 406, 323, 504, 506, 3(1)(द), 3(1)(ध)
(11) बाराबंकी, थाना असंद्रा, मु0अ0सं0-141/2022, धारा-188, 269, 270, 271, 3 आईपीसी
(12) बाराबंकी, थाना रामसनेहीघाट, मु0अ0सं0 63/2024 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406, 506 आईपीसी व 66डी
(13) बाराबंकी, थाना असन्द्रा, मु0अ0सं0 60/24 धारा 419, 420, 467, 468, 471, 406, 506 भादवि व 66डी आईटी

लखनऊ में बैठकर सम्पत्ति को कर रहा है इधर उधर
सूत्रों से पता चला है कि कई मुकदमों में नामजदगी के बाद से आशीष सिंह सिसोदिया ने अपनी व अपने परिवार की सम्पत्ति को इधर-उधर कर दिया ताकि पुलिस कार्यवाही में सम्पत्ति को बचाया जा सके। अगर पुलिस ने मुकदमें दर्ज होने के बाद की स्थिति में जो भी सम्पत्ति इधर उधर हुई है उसके सम्बंध में निष्पक्ष जांच करेगी तो पूरा मामला आसानी से खुल सकता है और सरकारी खजाना काफी सम्पत्ति आ सकती है।

विवेचना प्रचलित है, जल्द होगी अग्रिम कार्यवाही: पुलिस
वहीं इस सम्बंध में असन्द्रा थानाध्यक्ष से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि साक्ष्य संकलन किया जा रहा है, धोखाधड़ी के केस की विवेचना में टाइम लगता है। सबूत मिलने पर गैगेंस्टर एक्ट की कार्यवाही की जायेगी, अन्य मुल्जिमों को ढूढा जा रहा है, वह फरार हैं।

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