Homeजीवन मंत्रचुनाव के पहले, चुनाव के बाद

चुनाव के पहले, चुनाव के बाद

गलत लोग दूसरों की अच्छाई
से भी अक्सर नफरत करते हैं,
परंतु सही लोग उनमें में बुराई
जान कर भी उनसे प्यार करते हैं।

अच्छे सम्बन्धों को ऐसे ही,
अच्छे से परिभाषित करते हैं,
आज राजनीति भी ऐसी ही है,
अच्छे बुरे की पहचान करते हैं।

लोगों के व परिस्थितियों के साथ,
किसी को परेशान नहीं होना चाहिए,
जब तक हम इन पर ध्यान नहीं देंगे,
तब तक इनके अर्थ निरर्थक होंगे।

लोकतंत्र का त्योहार ख़त्म हुआ,
चुनावी रणक्षेत्र भी अब बेरंग हुआ,
कोई चुनाव जीता, कोई चुनाव हारा,
बेचारा मतदाता, न जीता ना ही हारा।

किसी ने जनता से बहुत वादे किए थे,
किसी ने इस बार फिर वादा किया है,
चुनाव पश्चात वादा निभायें या नहीं,
चुनाव जीतने वाले पर निर्भर होता है।

किसी को चुनाव परिणाम के बाद
ख़ुद की औकात का पता चलता है,
आदित्य दूसरे सब भी ख़ुश होते हैं,
चुनाव नतीजे से सब खुश दिखते हैं।

कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’
लखनऊ ‎

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