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नाबालिग बच्चे जालौन चौराहा बस स्टैंड पर भींख मांगने को मजबूर क्रासर-श्रम विभाग भी नहीं रहा भींख मांगने वाले बच्चों पर गौर

उरई (जालौन)। श्रम विभाग की लापरवाही के चलते शहर के विभिन्न स्थानों एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में दर्जनों की संख्या में नाबालिग बच्चे हाथ में कटोरा लेकर भींख मांगते हुए नजर आयेंगे। इसके बाद श्रम विभाग के अधिकारी इस बिक्राल समस्या को हल करने के लिए पहल करते हुए नहीं दिखाई दे रहे है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के कोंच रोड़ स्थित मोदी ग्राउंड के पास झोपडी डाल कर रहने वाले घुमंतू परिवार के लोग अपने नाबालिग बच्चों को सुबह से भींख मांगने के लिए निकाल देते है यह बच्चे अपने हाथों में कटोरी लेकर आने-जाने वाले राहगीरों से भींख मांगते हुए देखे जा सकते है।सबसे ज्यादा भींख मांगने वाले नाबालिग बच्चों की भीड़ उरई शहर जालौन चौराहा पर देखने को मिल सकती है जो बसों में चढ़कर यात्रियों से भींख मांगते हुए देखे जा सकते है जिससे सफर करने वाले यात्रियों को भारी दिक्कत का सामना करना है।उधर यहां पर स्थित दुकानदारों का कहना है भींख मांगने वाले दर्जनों बच्चे दुकानों के बाहर पड़ी कुर्सियों तथा बैचों पर बैठ जाते जिससे उनकी दुकानदारी पर असर तो पड़ता ही है साथ ही इन भींख मांगने वालों बच्चों को देखकर ग्राहक भी दुकान पर आने से कतराते हुए नजर आते है। इस। सम्बंध में एक दुकान पर जमा भींख मांगने वाले बच्चों से जानकारी चाही गयी तो सजनी पुत्री महन्त उम्र 10 बर्ष, पूजा पुत्री वालकिशुन उम्र 07 बर्ष, देवराज पुत्र मलखान उम्र 06 बर्ष, विकास पुत्र मलखान उम्र 10 बर्ष, अभिषेक पुत्र महन्त उम्र 05 बर्ष,सोनू पुत्र महन्त उम्र 06 बर्ष इन सभी बच्चों का मालिक एक व्यक्ति जिसका नाम फेरन उम्र लगभग 60बर्ष करीब है।उनका कहना था कि उनके माता-पिता सुबह से भींख मांगने के लिए घर से निकाल देते है इस लिए हम लोगों को मजबूरी भींख मांगने पड़ रही है।

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