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फिर उड़ी सरकारी आदेश की धज्जियां नगर के प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में नहीं निकाली गई सर्व शिक्षा अभियान के तहत रैली

धारा लक्ष्य समाचार

कागजों में ही निकाली जा रही है प्रधान अध्यापकों के द्वारा सर्व शिक्षा अभियान की रैलियां

झांसी (कटेरा)। सरकार भले ही शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा का स्तर सुधारने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है और इसके लिए सरकार के द्वारा कई अभियान और योजनाएं भी चलाई जा रही है। लेकिन प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के प्रधान अध्यापकों द्वारा ना तो इन अभियानों में कोई रुचि ली जा रही है और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं में भी भ्रष्टाचार किया जा रहा है। नगर में स्थित प्राथमिक कन्या विद्यालय प्राथमिक विद्यालय नवीन कंपोजिट क्रम उत्तर पूर्व प्राइमरी विद्यालय सहित तीन विद्यालय हैं और इन विद्यालयों में सरकार के द्वारा 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक चलाई जा रही सर्व शिक्षा अभियान के तहत कोई भी रैली नहीं निकाली गई और ना ही छात्रअंकन बढ़ाने के लिए अभिभावकों से संपर्क किया गया और वही सरकार द्वारा चलाई जा रही छात्र छात्राओं के लिए मिड डे मील योजना में भी जमकर भ्रष्टाचार किया जा रहा है विद्यालय में ना तो मीनू के अनुसार छात्र-छात्राओं को भोजन दिया जाता है और ना ही इस भोजन में अच्छी गुणवत्ता होती है। यहां तक की सरकार के द्वारा तैनाती स्थल पर कर्मचारियों को रहने के आदेश हैं लेकिन सरकारी आदेशों को भी इन विद्यालयों के प्रधान अध्यापक रद्दी की टोकरी में डाल देते हैं इन विद्यालयों के अध्यापकों और अध्यापिकाओं का हाल यह है कि अधिकतर इन विद्यालयों में स्टाफ बाहर का है और वह कभी भी समय पर विद्यालय में नहीं आता है जिसके चलते नन्हे मुन्ने बच्चों का भविष्य भी खराब होता दिखाई दे रहा है अभी कुछ महीने पहले ही प्राथमिक विद्यालय नवीन में बेसिक शिक्षा अधिकारी के द्वारा एक आदेश जारी किया गया था जिसमें कई वर्षों से विद्यालय के अंदर अपना आवास बनाए हुए एक शिक्षा मित्र से आवास खाली करने के निर्देश दिए गए थे लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विद्यालय की प्रधान अध्यापिका प्रभारी की मिली भगत से अभी तक शिक्षामित्र से विद्यालय का आवास खाली नहीं कराया गया है यहां तक की विभाग द्वारा प्राथमिक विद्यालय नवीन को बाउंड्रीबाल निर्माण के लिए चार लाख 42000 हजार रुपए स्वीकृत किया गया था और इस विद्यालय की प्रधान अध्यापिका प्रभारी की देखरेख में कार्य कराया गया और जब इस कार्य की गुणवत्ता जानने का प्रयास किया गया तो सूत्रों द्वारा पता चला कि इसमें घटिया किस्म की ईट का प्रयोग किया जा रहा है और निर्माण सामग्री का मसला भी गुणवत्ता विहीन लगाया जा रहा है जिसकी शिकायत नगर के जन् प्रतिनिधियों के द्वारा की गई थी जिसको की संज्ञान में लेते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विद्यालय की प्रधान अध्यापिका प्रभारी को सख्त हिदायत देते हुए कहा था कि यह घटिया किस्म की ईट हटाकर एक नंबर वाली ईट मागा कर इस बाउंड्री वाल का निर्माण कराया जाए लेकिन प्रधान अध्यापिका प्रभारी की मनमानी के चलते घटिया किस्म की ईंट का प्रयोग करके इस बाउंड्री बाल का निर्माण और शौचालय निर्माण का कार्य पूरा कराया गया और कार्य पूर्ण हो जाने के बाद अधिकारियों के द्वारा इसकी कोई जांच भी नहीं की गई और विद्यालय की प्रधान अध्यापिका प्रभारी के द्वारा सरकारी आदेश की धज्जियां उड़ाई गई लेकिन इन सब की खबर समाचार पत्र के माध्यम से शिक्षा विभाग के अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराने प्रयास भी किया गया लेकिन कुंभकरण की नींद सो रहे । शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आज तक ऐसे तानाशाही प्रधान अध्यापकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है जिससे ऐसे तानाशाही प्रधान अध्यापकों के हौसले बुलंद है और अब देखना होगा कि क्या ऐसे ही सरकारी आदेशों की धज्जियां प्रधान अध्यापक उड़ाते रहेंगे या फिर उन पर कोई दंड आत्मक विभागीय कार्रवाई भी होगी ।

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