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सरकारी धन के बंदरबांट में सबसे आगे निकले कार्यवाहक , ग्रामीणों में आक्रोश, भ्रष्टाचारियों की मौज 

पुराने ईंटे लगवाकर मालामाल हो रहे हैं ग्राम सभा कार्यवाहक कान्हूपुर 

   

धारा लक्ष्य समाचार रिपोर्ट अरविंद कुमार वर्मा

कान्हूपुर के ग्राम सभा कार्यवाहक द्वारा पुरानी ईंटों को लगवाकर निर्माण कार्य कराया जा रहा

धारा लक्ष्य समाचार 

त्रिवेदीगंज, बाराबंकी। एक तरफ प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए संकल्पबद्ध हैं तो वहीं जनपद बाराबंकी की तहसील हैदरगढ़ के अन्तर्गत पड़ने वाले ब्लाक त्रिवेदीगंज की ग्राम सभा कान्हूपुर के ग्राम सभा कार्यवाहक द्वारा पुरानी ईंटों को लगवाकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। प्रधान के इस कृत्य से जहा ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिल रहा है तो सरकारी धन को बंदरबांट करने वाले मौज उड़ा रहे हैं।    

प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत कान्हूपुर गांव में नए ग्राम सभा कार्यवाहक द्वारा करवाया जा रहा इंटरलॉकिंग का कार्य बेहद घटिया किस्म की पुराने ईटों के द्वारा कराया जा रहा है। ऐसे में प्रथम दृष्टया देखने में भ्रष्टाचार उजागर होता है फिर न ब्लाक के अधिकारी और न ही तहसील प्रशासन, और न ही जिला प्रशासन इस भ्रष्टाचार युक्त कार्य को रूकवा रहा है। ऐसे में सरकार की छवि को धूमिल करने के लिए कार्यवाहक कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं। मालूम हो कि इस इंटरलॉकिंग कार्य में जमकर धन को कमाया जा रहा है, नये के स्थान पर पुराना ईंटा लगाकर घटिया निर्माण सामग्री लगाकर धन को हड़पा रहा है। नए कार्यवाहक व रोजगार सेवक द्वारा इस इंटरलॉकिंग के कार्य में जमकर किया जा रहा है।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के कार्यवाहक को तीन माह के लिए कार्यभार मिला है जिस कारण अल्प कार्यकाल में अत्याधिक धनराशि कमाना चाहता है ताकि इसी कमाई से दोबारा चुनाव जीता जा सके। अगर दोबारा प्रधान न बन पाये तो इतना कमा लो कि धन की कभी कमी न हो।

मालूम हो कि 16 जनवरी 2024 को हृदय गति रुकने के कारण समय सुबह 7.00 ग्राम प्रधान सुमन देवी की मृत्यु हो गई थी। उसी के ठीक दो माह बाद नवागत ग्रामसभा कार्यवाहक अनीता द्विवेदी पत्नी अनुज द्विवेदी द्वारा ग्राम पंचायत में नए सिरे से काम कराया जा रहा है जिसमें जमकर हो रहा भ्रष्टाचार नए ईटों की जगह पुराने ईटों का किया जा रहा प्रयोग।

इंटरलॉकिंग के कार्य में बीच में स्टोन ईट का प्रयोग किया जाना चाहिए तो वहां पर सभी ईटों का दरकिनार करते हुए नजर आ रहे हैं। मिली जानकारी की 100 मीटर लगभग करवाया जाएगा इंटरलॉकिंग का कार्य जिसमें लगभग लागत 6 लाख से अधिक की बताई जा रही है. वही जब कार्य स्थल पर जाकर देखा गया तो डिसप्ले बोर्ड भी नदारद रहा

अब देखना यह है कि क्या जिला अधिकारी ऐसे कार्यवाहक भ्रष्टाचार करने वाले जिम्मेदारों के विरूद्ध कोई ठोस कार्यवाही करता है या भ्रष्टाचारी इसी तरह से अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देते हुए आर्थिक लाभ अर्जित करते रहेंगे, यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा। वही जब उपरोक्त मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी आदित्य श्रीवास्तव से दूरभाष के माध्यम से  ग्राम पंचायत में कराए जा रहे कार्य को लेकर जब संपर्क करना चाहा तो खंड विकास अधिकारी महोदय से संपर्क ही नहीं हो पाया.

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