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राजरानी का राजनीतिक अनुभव पड़ रहा है तनुज पुनिया पर भारी

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

क्या 53 लोकसभा पर राज करेंगी राजरानी? चर्चाओं का बाजार गर्म

बाराबंकी, भारतीय जनता पार्टी की घोषित प्रत्याशी राजरानी रावत वर्तमान में जिला पंचायत अध्यक्ष हैं तो वहीं पूर्व में विधायक भी रह चुकी हैं ऐसे में कई बार हार का स्वाद चख चुके तनुज पुनिया गठबंधन के प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में हैं, यहां की जनता राजनीतिक अनुभव प्राप्त प्रत्याशी को चुनेगी या अनुभवहीन प्रत्याशी को, यह अपने आप में एक बहुत बड़ा सवाल जनता के दिलों दिमाग में कौंध रहा है।
मालूम हो कि वर्तमान सांसद उपेंद्र सिंह रावत करीब एक माह पूर्व प्रत्याशी के तौर पर प्रथम सूची में नाम घोषित किया गया था किंतु दूसरे ही दिन वायरल वीडियो बम कांड ने जिले के साथ-साथ पूरे देश में खलबली मचा दी, जिसके बाद भारतीय जनता पार्टी को अपना प्रत्याशी यहां से बदलना पड़ा, वहीं गठबंधन के प्रत्याशी तनुज पुनिया चुनाव मैदान में है अगर बात अनुभव की जाए तो तनुज पुनिया को लगातार हार का अनुभव प्राप्त है, वहीं भाजपा प्रत्याशी का राजनैतिक जीत का सफर लगातार जारी है, वह वर्तमान में अध्यक्ष जिला पंचायत है, तो पूर्व में विधायक भी रह चुकी हैं।


लोगों का कहना है कि तनुज पुनिया ने अगर जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ नहीं बनाई, तो यहां की जनता उनसे दूर होती चली जाएगी, जिसका खामियाजा भी गठबंधन प्रत्याशी को भुगतना पड़ सकता है।
सूत्रों से पता चला है कि तनुज पुनिया सुदूर इलाकों में न जाकर छुटभैया नेताओं से घिरे रहते हैं और जनता व क्षेत्र के सम्मानित लोगों तक अभी तक पहुंच नहीं बना पाए हैं, कुछ चाटुकार उनको दिग्भ्रमित करके मलाई अवश्य काट रहे हैं, तनुज पुनिया द्वारा मीडिया कर्मियों तक पहुंच बनाने के लिए बनाया गया व्हाट्सएप ग्रुप जिसमें ओनली एडमिन लगा रखा है ताकि कोई मीडिया कर्मी सवाल न कर सके और उसके जवाब से आसानी से बचा जा सके, वहीं भाजपा के लोग प्रत्याशी घोषित होने पर एकजुट दिख रहे हैं तो वहीं गठबंधन के प्रत्याशी में फूटन साफ तौर पर दिख रही है, सपा के लोग दबी जुबान कहते फिर रहे हैं कि हमारा प्रत्याशी ही मैदान में नहीं है तो हम क्या मेहनत करें वहीं कुछ कट्टर समाजवादी लोगों को गठबंधन का प्रत्याशी रास नहीं आ रहा है, लोगों का कहना है कि हम लोग दूसरे दल के प्रत्याशी के लिए किस मुंह से वोट मांगने जाएं, ऐसे में चुप्पी साध लो तो ज्यादा अच्छा है।
अब देखना यह है कि क्या तनुज पुनिया अपने अनुभव से कुछ सीख लेंगे या पुनरावृति करेंगे यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।

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