Homeराजनितिभाजपा की नामांकन जनसभा में दिखी अव्यवस्था

भाजपा की नामांकन जनसभा में दिखी अव्यवस्था

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

जल शक्ति मंत्री की जनसभा में जल के लिए तरसते दिखे लोग, टिकट कटने से नाराज वर्तमान सांसद उपेन्द्र सिंह रावत नहीं पहुंचे नामांकन में, होती रही चर्चा?

बाराबंकी। भाजपा प्रत्याशी राजरानी के नामांकन के दौरान जमकर आचार संहिता की धज्जिया उड़ाई गई, मालवाहक वाहनों व बुल्डोजर पर बैठकर कई माननीय व कार्यकर्ता भी पहुंचे नामांकन स्थल तक, सोमवार के कामकागजी दिन में लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हुई, कई राहगीर भीषण गर्मी में जाम में फंसे दिखे, और भीषण गर्मी में पसीना बहाते नजर आये, वहीं जल शक्ति मंत्री की मौजूदगी में जनता पीने के जल के लिए तरसती दिखी। वर्तमान सांसद का जनसभा में न पहुंचने अंदर की गुटबाजी उजागर।
 प्राप्त जानकारी के अनुसार भाजपा प्रत्याशी राजरानी रावत अपना नामांकन दाखिल करने से पूर्व स्थानीय जीआईसी ऑडिटोरियम में नामांकन जनसभा आयोजित की गई थी, जिसमें प्रदेश सरकार के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह बतौर मुख्य अतिथि आये थे। कार्यक्रम निर्धारित समय पर चालू नहीं हुआ। सभा स्थल पर पत्रकारों के बैठने के लिए उचित स्थान नहीं था और न ही कुर्सियों की व्यवस्था थी। लोग भीषण गर्मी में पानी के लिए तरसते हुए दिखाई दिखे। तामछाम और शोर तो बहुत किया गया, जिससे हास्पिटल के मरीज भी परेशान रहे। 
मालूम हो कि भीषण गर्मी में अतिथियों व कार्यकर्ताओं को खूब पसीना बहाना पड़ा, राज्यमंत्री सतीश शर्मा, पूर्व सांसद प्रियंका सिंह रावत, हैदरगढ़ विधायक दिनेश रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष शशांक कुसमेश आदि ने लगातार अंगौछे और रूमाल से पसीना पोछते हुए नजर आये, जिसके फोटो सोशल मीडिया पर दौड़ते हुए दिखाई दिये। दूसरे दलों व नए-नए भाजपाई बने मंच पर अनुशासन भूलकर अपने आपको खास दिखाने व फोटो ख्ंिाचवाने के लिए मर्यादाओं को तार-तार करते दिखे, और अनुशासन गायब दिखा। मालवाहक वाहनों पर क्षमता से अधिक बैठे दिखे कई नेता, उत्साही युवा कई बुल्डोजर से नामांकन स्थल तक गये, लेकिन बीच रास्ते में न स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ चुनाव आयोग के जिम्मेदारों ने सब कुछ देखकर अपनी आंखे बंद कर ली। वहीं अगर स्टूडेंण्ड या विपक्षी दल के लोग इस तरह की रैली निकालते तो प्रशसन फौरन एफआईआर दर्ज कर लेता। वहीं वर्तमान सांसद की नाराजगी भी देखने को मिली, वह नामांकन कार्यक्रम में गायब दिखे। पूरे कार्यक्रम में खुलेआम उड़ी आचार संहिता व धारा 144 की धज्जियाँ। अब देखना यह है कि क्या जिला प्रशासन कोई कार्यवाही करेगा या सब कुछ देखकर अपनी आंखे बंद ही रखेंगा यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।
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