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पुनिया का पैगाम, बाराबंकी की जनता के नाम

धारा लक्ष्य समाचार

फिरकापरस्त ताकतो से होशियार रहने की जरूरत,

मेरे प्यारे बाराबंकी वासियों,
मानते हैं कि हालात ख़राब हैं। हुक़ूमत ख़ुद हमें बाँटकर मिटाना चाहती है। एक बहुत बड़ी भीड़ है, जो नफ़रत की नज़र रखकर दिन रात जाग रही है कि कैसे हमें और आपको मटियामेट किया जाए। ऊपर बैठा एक सरगना इशारा करता है और नीचे पन्ने पन्ने पर हरकत शुरू हो जाती है। वह चाहते हैं कि हम उबाल मारकर फफक उठे, मगर हम यह होने नही देंगे।

साथियों, उनकी तब तक हार ही है, जब तक हम उनके जैसे नही हो जाते। वह चाहते हैं कि हमारी भाषा बदल जाए और उसमें गर्मी आ जाए। वह चाहते हैं कि हमारे माथे पर बैठी शांति को चढ़ी हुई त्योरियाँ निगल जाएँ। हम भड़क कर उनका चारा बन जाएं,मगर यह नही होगा, हरगिज़ नही होगा।

वह चाहते हैं कि हमारा विश्वास प्रेम और एका पर से ख़त्म हो जाए। हम एक दूसरे पर शक की निगह गड़ा दें। हम अपने ही दोस्त पर भरोसा छोड़ दें। हम खुद अपने से जातियों में बंट जाएं। हम साथ चलने से कतराने लगें। उनके साथ घुलने मिलने में दूरी बरतने लगें, मगर यह नही होगा। हम यह होने नही देंगे।

हुकूमत के कारकून चुनाव हारता देख सोशल मीडिया पर समाज को बांटने का वीडियो वायरल करेंगे। ताकि वह समाज में जातियों के बीच नफ़रत फैला सकें। हमें उनके बिछाए जाल में नही आना है। हम मजबूती के साथ इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी तनुज पुनिया को जिताएंगे ताकि जो लोग समाज को बांटने की नाकामयाब कोशिश कर रहे हैं उन्हें इसका जवाब मिल सके। देखिये, यह ज़रूरी है, जब मुश्किल वक़्त हो तो एक दूसरे का हाथ मज़बूती से थाम लेना चाहिए।

बेनी प्रसाद वर्मा बाराबंकी में विकास की राजनीति के धुरी रहे हैं। उन्होंने हमेशा समाज को जोड़ा है, फिर चाहे पिछड़े हों या दलित। उनकी लड़ाई लड़ी है और उन्हें सम्मान दिलाया है। अल्पसंख्यक समुदाय और सवर्ण समाज की वैचारिकी का हमेशा सम्मान किया। जिसे हमें नहीं भूलना है। कुछ लोग भ्रमित करके हमें बांटने का प्रयास करेंगे लेकिन हमें सबसे पहले जिस चीज़ पर काम कीजिये, वह है विश्वास।

यह लोग चाहते हैं कि हम एक दूसरे पर विश्वास न करें। एक दूसरे से एहतियात बरतें। मगर मेरी बात मानिए, यह विश्वास सामने वाले कि तरफ से आए, ऐसा मत सोचिए। आप खुद कीजिये। आप अपने अंदर का भरोसा न मरने दीजिए, वह यही चाहते हैं और यह हरगिज़ न होने दीजिए।

आप यक़ीन रखिये नफ़रत ही हारेगी और प्रेम ही जीतेगा। बस अपने अन्दर नफरत की कोपल न फूटने दीजिए और प्रेम को ताज़ा रखिये। मायूस मत होइए, यक़ीन कीजिये, वह हार जाएँगे। जैसे ही आप उनके जाल को अपने विश्वास से काटते हैं, वह हारना शुरू हो जाते हैं….

यक़ीन रखिये, विश्वास कीजिये, प्रेम पर आस्था रखिये और सचेत रहिए, उनका चारा मत बनिये, उनकी ज़ुबान मत बोलिये, वह जो चाहते हैं, वह होने मत दीजिए। वह दूरी बढ़ाएं, तो आगे बढ़कर दूरी घटाइए, यही रास्ता है जीत को ओर आगे बढ़ने का।

जुड़ेगा बाराबंकी, जीतेगा इंडिया।।

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