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तनुज पुनिया सफलता की ओर बीजेपी प्रत्यासी की हालत ख़राब

धारा लक्ष्य समाचार

तनुज पुनिया सफलता की ओर बीजेपी प्रत्याशी की हालत खराब

इतिहास रचने वालों के बढ़ते हैं कदम, मिल रही है सहानुभूति, वर्मा बिरादरी बेनी बाबू के पुत्र राकेश वर्मा व पौत्री श्रेया वर्मा के साथ। कुछ किये बिना ही जय जयकार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती।

बाराबंकी। लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती है। जब तक न सफल हो, नींद चैन को त्यागो तुम, संघर्ष का मैदान छोड़ मत भागो तुम। उक्त लाइन बाराबंकी से सपा व कांग्रेस के गठबंधन के प्रत्याशी तनुज पुनिया पर सटीक बैठती नजर आ रही है। अब लोगों में चर्चा है कि असफलता के बाद भी मैदान में डटे रहने वाला प्रत्याशी हमारी पहली पसंद बन गया है जो इस बार जनता की आवाज बनाकर संसद भवन में जिले की समस्याओं को दूर करेगा। वर्तमान सांसद का टिकट कटने से एक बड़ा वर्ग पार्टी से अन्दर ही अन्दर नाराज चल रहा है, लेकिन पार्टी की नीतियों के कारण खुलकर विरोध नहीं कर पा रहा है, वहीं लगातार बढ़ रही महंगाई, बेरोजगारी, स्वास्थ्य-चिकित्सा व महंगी शिक्षा को लेकर आम मतदाता भाजपा सरकार से काफी परेशान नजर आ रहा है, इस बार परिवर्तन चाहते हैं।  
कांग्रेस नेता बृजेश गौतम ने बताया कि जब चार साल में अग्निवीर रिटायर हो सकते हैं तो देश के प्रधानमंत्री जो दस साल से मेहनत कर रहे हैं अब उनको आराम की जरूरत है इसलिए जनता ने मन बना लिया है कि बदलाव बहुत जरूरी है। भाजपा सरकार से जनता परेशान हो चुकी है, इसलिए उल्टे सीधे बयान देकर जनता को गुमराह किया जा रहा है, लेकिन सच्चाई जनता जानती है और जनता ने इस बार मन बना लिया है कि सरकार जनहित वाली चाहिए एक विशेष समुदाय को खुश करने वाली नहीं चाहिए, किसान लगातार कर्जदार होता जा रहा है, उसका कर्जा सिर्फ कांग्रेस सरकार में ही माफ हो सकता है, भाजपा के झूठे वादों व गारंटी से जनता सजग हो चुकी है। जनता प्रत्याशी ऐसा चुनेगी जो सदन में बोल सके, उसे नहीं जो बोल ही न पाये तो समस्याओं को सदन में कैसे उठायेगा, जनता इस बार सोंच समझकर भाजपा के झांसे में आने वाली ही है। 
शहर के श्रीराम कालोनी निवासी अधिवक्ता राजकुमार वर्मा ने बताया कि भाजपो नेताओं की रैलियों में कुर्सिया खाली रह जाती है, अगर कोई पत्रकार खाली कुर्सियों की खबर चला देता है तो उस पर दबाव बनाया जाता है, खबर को हटाने के परेशान किया जाता है, पैसा देकर लोगों को बुलाया जाता है। इस बार तानाशाही का अंत होता हुआ दिख रहा है। इसलिए सत्तारूढ़ दल बौखला गया है। आगामी 20 मई को होने वाले मतदान को लेकर जनता में अत्याधिक उत्साह है। इस बार जनता संविधान को बचाने के लिए जमकर मतदान करेंगी। वर्मा बिरादरी जमकर गठबंधन के पक्ष में मतदान करेगी, अगर भाजपा सच में हमदर्द होती तो बेनी बाबू की सुपौत्री श्रेया वर्मा के विरूद्ध गोण्डा में अनाप-शनाप प्रचार न करती। विगत विधानसभा चुनाव में उनके पुत्र राकेश वर्मा का जीता हुआ चुनाव हरवा दिया। इस बार कुर्मी बिरादरी भाजपा के झांसे में आने वाली नहीं है। अब तो प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को अपने प्रत्याशियों के लिए चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे जनता का अरबों रूपया बरबाद हो रहा है।  
वहीं जनता का कहना है कि तनुज पुनिया से तो लोग ओबरी आवास पर जाकर मिल सकते हैं लेकिन ज्यादातर मतदाताओं को यह नहीं पता है कि भाजपा प्रत्याशी राजरानी का आवास कहा है, कैसे मिलकर भविष्य में अपनी समस्याओं से अवगत कराया जायेगा आदि तरह-तरह के सवाल जनता के दिलो दिमाग में घूम रहे हैं। अब देखना यह है कि आगामी 4 जून को आने वाले नतीजे क्या होंगे यह तो आने वाला वक्त ही बतायेगा।
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