Homeस्वास्थडॉक्टर भास्कर ने होम्योपैथी में किया नए युग का सूत्रपात

डॉक्टर भास्कर ने होम्योपैथी में किया नए युग का सूत्रपात

धारा लक्ष्य समाचार

होमियोपैथिक मेडिसिन स्पेक्ट्रल एनालाइजिंग डिवाइस
होम्योपैथी का विश्व में ऐसा पहला यंत्र जिससे त्रुटि रहित कम समय में रोगियों का होगा इलाज

लखनऊ, भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति की परिष्कृत होम्योपैथी चिकित्सा पद्वति है। इस पद्धति को आगे बढ़ाते हुए कई दशकों तक होम्योपैथिक चिकित्सा पर शोध का कार्य करते हुए सिद्धार्थनगर उतर प्रदेश के डा. भास्कर ने इस उपकरण को बनाया है। डा. शर्मा ने भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय द्वारा अपने उपकरण का पेटेंट भी करा लिया है। इस उपकरण के आने से होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति को एक नया आयाम मिलेगा। भारतवर्ष की अति पुरानी चिकित्सा परंपरा को आगे बढ़ाते हुए डॉक्टर भास्कर शर्मा ने एक सराहनीय कार्य किया है जो होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में नए युग का सूत्रपात करेगा। आने वाले दिनों में यह उपकरण भारत के अलावा कई अन्य देशों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा जिससे निश्चय ही विश्व स्तर पर भारत के होम्योपैथिक वैज्ञानिकों की धाक बनेगी। इस उपकरण के निर्माण से होम्योपैथी जहां अति आधुनिक उपकरण से लैश होगा वहीं इस पद्धति में चिकित्सा के नए अवसर के द्वार खुलेंगे। यह डिवाइस आधुनिक तकनीकी युक्त आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के माध्यम से त्रुटि रहित कम समय में रोगियों का संपूर्ण रोग निदान करते हुए परफेक्ट होम्योपैथी दवा पोटेंसी सहित चयन करने में रामबाण साबित होगा जिससे देश – विदेश में हजारों लाखों और रोगियों का सुगम पूर्वक पोटेंसी सहित होम्योपैथी दवा का चुनाव कर होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के जटिलताओं को काम करते हुए होम्योपैथी चिकित्सा जगत में एक नई क्रांति लाने का काम करेगी। इस यंत्र की निम्नलिखित विशेषताएं हैं जैसे रोग निदान, होम्योपैथी दवा का परफेक्ट चयन, पोटेंसी का चयन, समय की बचत, मानवीय भूल को कम करना, डेटाबेस ट्रीटमेंट, आसान संचालन, कम्युनिटी इको फ्रेंडली एवं अन्य विशेषताएं भी शामिल है इस डिवाइस के माध्यम से सभी प्रकार के साध्य तथा असाध्याय बीमारियों पर नियंत्रण और संक्रामक महामारी बीमारियों पर भी बड़ा नियंत्रण किया जा सकता है।

RELATED ARTICLES

Most Popular