धारा लक्ष्य समाचार पत्र
चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के विशेष सत्र में महिलाओं के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में पेश किया।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि संसद में पारित नारी शक्ति वंदन अधिनियम महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है, जो देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को नई ऊंचाई देगा।
उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को 50 प्रतिशत प्रतिनिधित्व दिया गया है। इसके अलावा राज्य का लिंगानुपात भी पहले के 871 से बढ़कर 923 तक पहुंचा है, जो सामाजिक सुधार का सकारात्मक संकेत है।

सरकार की विभिन्न योजनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि ‘लखपति दीदी’, ‘ड्रोन दीदी’, ‘लाडो लक्ष्मी’ और ‘हर घर-हर गृहिणी’ जैसी पहल महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बना रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है और उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के अधिकार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर विपक्ष का दोहरा रवैया सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां विपक्ष सदन के बाहर बड़े-बड़े बयान देता है, वहीं सदन के अंदर इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान वॉकआउट कर दिया, जबकि यह प्रस्ताव सुधार और संवाद का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लाया गया था।
सत्र के दौरान सत्ता पक्ष के विधायकों ने प्रस्ताव का जोरदार समर्थन किया और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। प्रस्ताव के पारित होने के साथ ही हरियाणा ने महिलाओं के अधिकारों और उनकी भागीदारी को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है।
