पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि से बढ़ेगी बेतहाशा महंगाई: अशोक विश्वकर्मा
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग विभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक कुमार विश्वकर्मा ने एक विज्ञप्ति में कहा है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के चलते आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर व्यापक तथा नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। जो मेहनतकश और दैनिक मजदूरी करके जीवन यापन करने वाले गरीब और मध्यम वर्गीय लोगों के जीवन को सर्वाधिक प्रभावित करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की अदूरदर्शी और गलत आर्थिक नीतियों के चलते कमरतोड़ महंगाई ने देशवासियों का जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि भारत में अधिकांश माल ढुलाई सड़क मार्ग से और डीजल चालित वाहनों द्वारा होती है, इसलिए ईंधन के दाम बढ़ने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर रसोई के बजट और फल एवं सब्जियों के दाम पर पड़ेगा। क्योंकि इनकी आपूर्ति में डीजल का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। दूध संग्रह और वितरण की लागत बढ़ने से पहले ही दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की वृद्धि हो चुकी है। इसके साथ ही साबुन, शैम्पू, खाने का तेल और दालें, पैकेटबंद खाद्य पदार्थों की कीमतें भी बढ़ेंगी। ऑटो, टैक्सी और बस किराए में तुरंत बढ़ोतरी होगी। डीजल के दाम बढ़ने से ट्रैक्टरों, सिंचाई पंपों और फसलों को मंडियों तक ले जाने की लागत बढ़ेगी, जिससे अंततः खाद्यान्न महंगा होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, ईंधन की ये बढ़ी हुई कीमतें आगामी महीनों में 5% के पार जा सकती हैं। इससे आम लोगों की जेब पर इसका सीधा बोझ पड़ेगा और उनकी क्रय शक्ति कम होगी।
