Amethi UP : राम जन्म के बधाई गीत की भक्ति रस में डूबे श्रद्धालु

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

श्रीराम कथा में हुआ रावण जन्म के कारण का भावपूर्ण वर्णन

गौरीगंज/अमेठी।
गौरीगंज के नेमधर पंडित का पुरवा स्थित आवास पर प्रेस क्लब अध्यक्ष श्री शीतला प्रसाद मिश्र द्वारा आयोजित श्रीराम कथा महोत्सव के दूसरे दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास महाकाल लोक पीठाधीश्वर परम पूज्य प्रणव पुरी जी महाराज ने मंत्रोच्चार एवं “श्री गुरु चरण सरोज रज, जय जय श्रीराम” भजन के साथ कथा का शुभारंभ किया।

महाराज ने सर्वप्रथम हनुमानजी महाराज और महाकाल सरकार को नमन करते हुए कहा कि “श्रीराम कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को पवित्र और उद्देश्यपूर्ण बना देता है।” उन्होंने भगवान शंकर–पार्वती विवाह प्रसंग से कथा का प्रारंभ किया और आगे देवर्षि नारद जी, रावण आदि के जन्म प्रसंगों का अत्यंत भावनात्मक वर्णन किया।

कथा व्यास ने बताया कि राजा प्रताप भानु को श्राप मिलने के बाद उन्होंने ब्राह्मणों को भोजन कराने का आयोजन किया, किंतु आकाशवाणी हुई कि भोजन अशुद्ध है। इस प्रसंग ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन में डूबो दिया।

महाराज जी ने बताया कि श्रापवश प्रताप भानु ने अगले जन्म में रावण के रूप में जन्म लिया। उनके साथ उनके भाई कुंभकर्ण और विभीषण ने भी कठोर तप किया। महाराज श्री ने जब ब्रह्मा और रावण संवाद सुनाया —
“गयउ निकट तप देख विधाता, बोले मांगो वर प्रसन्न मैं ताता…”
— तो वातावरण आध्यात्मिकता से गूंज उठा। उन्होंने बताया कि कुंभकर्ण ने इंद्रासन के स्थान पर निद्रासन का वर मांगा, जबकि विभीषण ने प्रभु भक्ति का वरदान प्राप्त किया। इस प्रसंग पर जब महाराज जी ने भक्ति गीत प्रस्तुत किया —“मांगा है मैंने राम से वरदान एक ही, तेरी कृपा बनी रहे जबतक है जिंदगी…”
— तो पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के जयघोषों से गूंज उठा।

कथा में रावण के अत्याचार, लंका विजय और देवासुर संग्राम का वर्णन करते हुए महाराज जी ने बताया कि रावण ने ब्राह्मणों एवं धर्मावलंबियों को प्रताड़ित किया, जिससे पृथ्वी व्याकुल हो उठी। भय के कारण मौन धरती ने अंततः गाय का रूप धारण कर ब्रह्मा जी से अपनी व्यथा व्यक्त की। इस प्रसंग पर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो उठीं।

जब महाराज जी ने भजन गाया —
“प्रभु हम भी शरणागत हैं, स्वीकार करो तो जाने; अब हमें पतित से पावन सरकार करो तो जाने”
— तो श्रोता भक्ति भाव से अभिभूत हो गए। रविवार की कथा का भगवान श्रीराम जन्मोत्सव के साथ सम्पन्न हुई। जन्मे हैं चारों भैया अवध में बाजे बधाईयां के बधाई गीत पर श्रोताओं ने जमकर मस्ती में नृत्य किया। कथा स्थल “राम नाम” के जयघोषों से गुंजायमान रहा और श्रद्धालु देर तक भक्ति भाव में डूबे रहे।

कथा में पंडित जगदंबा प्रसाद त्रिपाठी मनीषी, विधायक के पिता तेज प्रताप सिंह, दलजीत सिंह, संतोष सिंह घाटमपुर, विक्रम पथिक, विजय किशोर तिवारी, लल्लन भेड़ी, उमाशंकर पांडेय, राकेश मटियारी, व्यास शुक्ला, के.डी. सरोज, विक्रम सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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