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अखिल भारतीय अनुसूक्ति जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन नई दिल्ली (अबाजका), बहुजन बोधि समाज संघर्ष समिति, रमाबाई अम्बेडकर महिला एसोसिएशन एवं ऑल इण्डिया डॉ. अम्बेडकर स्टूण्डेन्ट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में आज दिनांक 21 दिसम्बर 2025 दिन रविवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के सपने (1938-1956) की वैचारिक इगारत बुद्धा-बोधिसत्व अम्बेडकर इन्टरनेशनल सेन्टर (बी. बी.ए.आई.सी) सारनाथ वाराणसी के नींव खुदाई एवं आधारशिला का कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

नीव खुदाई एवं आधारशिला कार्यक्रम का प्रारंभ बुद्ध नमन, त्रिसरण, पंचशील एवं बुद्ध पूजा तथा वन्दना के साथ पूज्य भंते गांगलिको महाथेरो थाइलैण्ड, पूज्य मंते गुरुग्णो महाथेरा विहाराधिपति बाई बौद्ध विहार, गते सुमित्यानंद धेरा- सचिव महाबोधि सोसाइटी आफ इण्डिया सारनाथ, भंते चदिमा थेरा अध्यक्ष धग्मा लर्निंग सेण्टर, मंते धम्मप्रिय थेरो विहाराधिपति महानिहार समिति, दामोदरपुर सारनाथ, भंते अशोक मित्र एवं भंते धम्मप्रकाश सम्राट अशोक विहार सारनाथ तथा पूज्य निक्खू संघ द्वारा विधिवत किया गया।
उपरांत उपस्थित उपासक, उपासिका एवं अतिथिगण द्वारा महाकारुणिक तथागत बुद्ध एवं परम् पूज्य बोधिसत्व बाबा साहेब डा० भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं माल्यार्पण किया गया।नीव खुदाई एवं आधारशिला कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि परम श्रद्धेय मिशन नायक बुद्धमित्र मुसाफिर राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अनुसूचित जाति/जनजाति कर्मचारी कल्याण एसोसिएशन (अनाजका) – नई दिल्ली ने आज बुद्धा-बोधिसत्व अम्बेडकर इन्टरनेशनल सेन्टर के नींव खुदाई एवं आधारशिला के अवसर पर उन्होंने बाबा साहेब को अपने समाज के प्रति विमा को निर्दिष्ट किया।
कि 23 नवम्बर 1940 को बाबासाहेब ने सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रिय बहनों और भाइयों, मुझे एक और चिन्ता है कि आज हमने जो एकजुटता और उन्नति हासिल की है उसे आप बरकरार कैसे रखेंगे। आज तक आप एक खन्ने बाले उम्बू में रहते आये हैं। उद्य तम्बू का खम्मा अगर गिर जाय तो आपका क्या हाल होगा। इसलिए उस खम्भे के आस पास और खम्भे रस्सियों के सहारे मैंने मजबूत बनाने की सांची है। इसलिए इमारत फंड शुरू किया है।
इसके पीछे उद्देश्य यही है कि मेरे पीछे आपको कोई मात न दे सके। इमारत फंड के लिए जितनी मदद आप कर सकते हैं उतनी आप अनश्य दें। इंसान पर तीन ऋण होते हैं- 1. माता-पिता का ऋण 2. पूर्वजों का ऋण 3. समाज का ऋण। जिस समाज में हमारा जन्म हुआ उस समाज के उपकारों से हमें बिना मूले मुक्त होना चाहिए। और इस उपकार को चुकाने का मौका आपको मिल रहा है।

आप जरुर उससे फायदा उठायें। इमारत फंड के लिए हर पुरुष और महिला को, 18 साल से बड़े हर व्यक्ति को भले वह बेकार ही क्यों न हो, दो-दो रूपये देने है। इसके लिए मैंने कुछ योजनाएं बनाई है। जिन्हें नासिक 30 रूपया या उससे अधिक उनख्वाह मिलेगी ये अगर अपनी एक महीने की तनख्वाह हैं।
तो उनका नाम इमारत बोर्ड पर लिखा जायेगा। मैं गांव-गांव से मदद मांगने वाला हूं लेकिन गांव में एक इसान के बजाय किसी गांव से प्राप्त रकम के तौर पर उस गाव का नाम लिखा जायेगा। सो मित्रों, अगर अपना भविष्य उज्ज्वल रखना हो, अपने समाज का कल्याण करना हो तो आपको यह काम अपना कर्तव्य मानकर पूरा करेंगें। अतः में बाबा साहेब के सपनों को पूरा करने के लिए कृत संकल्पित हूं।
आप सभी को बताते हुए हर्ष की अनुभूति हो रही है कि जाज दिनांक 21 दिसम्बर 2025 को बुद्धा-बोधिसत्व अम्बेडकर इन्टरनेशनल सेन्टर (बी.बी.ए.आई.सी) सारनाथ वाराणसी के नींव खुदाई एवं आधारशिला का काम सम्पन्न हो रहा है तथा अगले वर्ष 29 नवम्बर 2026 को उद्घाटन होगा।
कवीन्द्र सिंह राष्ट्रीय व. उपाध्यक्ष (अबाजका), ने बाबा साहेब के दिनांक 14 मई 1945 के भाषण का उल्लेख किया, “आप जो हाल बनाने वाले हैं वह इतना सुन्दर होना चाहिए कि उसके जैसा हाल मुंबई में ढूंढकर भी न मिले। मैं आप सभी को विश्वास दिलाता हूं अगले वर्ष 29 नवम्बर 2026 को ऐसे ही हॉल का उद्घाटन होगा।
कार्यक्रम में अन्य प्रमुख व्यक्तियों / अतिषियों मे सुभाष मन्द्र बोस मण्डल महामंत्री (अयाजका) वाराणसी मण्डल, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष निर्मला बौद्ध, सीमा बौद्ध. प्रवीण कुमार, सुनील कुमार, ८० ओमप्रकाश आशीष कुमार, विजय बहादुर, ६० रामचन्दर, ब० विरेंद्र कुमार, २० संघदर्शन, ६० प्रसून जोशी, ८० सम्वक, जयप्रकाश, रोहित, एकता कश्यप, बरु कपिल देव, किरन, माला सागर, ८० शैलेन्द्र कुमार, पी०सी० सागर, ६० कुवरजीत इलहाबादी, अ० नलदेव प्रताप, संतोष गौतम, संजय कुमार, असंतोष सुमन, सुशील कुमार, प्रवीण कुमार मुख्य प्रबन्धक मेल, प्रमोद कुमार गेल अनुसूचित जाति/जनजाति एसोसिएशन, १० स्वराज सहित सैकड़ों उपासक/उपासिका एवं मिशनरी उपस्थित रहे।
