धारा लक्ष्य समाचार पत्र
अमेठी। जनपद अमेठी के गौरीगंज क्षेत्र के अंतर्गत वरनाटीकर निवासी बुजुर्ग महिला रामलली ने सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचकर प्रशासन को हैरान कर दिया। हाथ में पोस्टर लेकर पहुंची बुजुर्ग रामलली के पोस्टर पर लिखा था—“साहब, अभी मैं जिंदा हूं”। यह देखकर मौके पर मौजूद अधिकारी और फरियादी स्तब्ध रह गए।
रामलली ने अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्र और मौखिक बयान में आरोप लगाया कि जमीन हड़पने की नीयत से उनके ही अपनो (वारिसानों) ने करीब 06 माह पहले उन्हें कागजों में मृत घोषित करा दिया। आरोप है कि उन्हें मृत दर्शाकर राजस्व अभिलेखों में हेरफेर की गई और उनके नाम दर्ज जमीन को अपने नाम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
पीड़िता का कहना है कि वह पूरी तरह जीवित हैं और गांव में ही रह रही हैं, इसके बावजूद कागजों में उन्हें मृत दिखा दिया गया। जब उन्हें इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने न्याय की आस में संपूर्ण समाधान दिवस का रुख किया। रामलली ने रोते हुए कहा कि “जब तक मैं जिंदा हूं, तब तक मेरी जमीन मेरे नाम ही रहनी चाहिए। मुझे मेरे हिस्से से बेदखल करने की साजिश रची जा रही है।”
रामलली का यह भी आरोप है कि स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके चलते उन्हें जनपद स्तर तक आना पड़ा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, कागजों में दर्ज उनकी कथित मृत्यु को तत्काल निरस्त किया जाए और जमीन उनके नाम बहाल की जाए।
संपूर्ण समाधान दिवस में मौजूद अधिकारियों ने संबंधित राजस्व कर्मियों से रिपोर्ट तलब कर की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

