लापरवाही पर अधिकारियों को फटकार, अनुपस्थित कर्मियों का वेतन काटने के निर्देश
धारा लक्ष्य समाचार,

शफीक अहमद
सीतापुर। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर. ने शुक्रवार को तहसील महमूदाबाद का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने तहसीलदार न्यायालय पहुंचकर विवादित मुकदमों की पत्रावलियों का अवलोकन किया, जिसमें त्रुटियां पाए जाने और मुकदमों को लंबे समय तक लंबित रखने पर तहसीलदार को कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने लेखपालों द्वारा कार्यों में रुचि न लेने और सही ढंग से कार्य न करने पर उनके विरुद्ध उचित कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। साथ ही नायब तहसीलदार न्यायालय में निस्तारित और विचाराधीन मुकदमों की पत्रावलियों की भी जांच की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी न्यायालय में धारा-38 और कुरा बंटवारे से संबंधित पत्रावलियों की समीक्षा की। उपजिलाधिकारी कक्ष में जनसुनवाई रजिस्टर का अवलोकन करते हुए उन्होंने दो शिकायतकर्ताओं से दूरभाष पर वार्ता कर फीडबैक लिया, जिसमें संतोषजनक जानकारी न मिलने पर उपजिलाधिकारी महमूदाबाद पर नाराजगी व्यक्त की।
रजिस्ट्रार कानूनगो पटल का निरीक्षण करते हुए मास्टर रजिस्टर न मिलने पर तहसीलदार को फटकार लगाई तथा तालाब एवं मत्स्य पालन पट्टा रजिस्टर की जांच के दौरान कमियां मिलने पर संबंधित पत्रावलियों पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। लेखपालों की सेवापुस्तिका अद्यतन न पाए जाने पर रजिस्ट्रार कानूनगो को भी निर्देश दिए गए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर जहांगीराबाद का औचक निरीक्षण किया। प्रसव कक्ष में अव्यवस्थाएं मिलने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। निरीक्षण के दौरान स्टाफ नर्स और चिकित्सक अनुपस्थित मिलने पर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए,
जबकि दवाओं के रखरखाव में लापरवाही मिलने पर फार्मासिस्ट को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के साथ वेतन काटने के निर्देश दिए। साथ ही प्रभारी चिकित्साधिकारी बिसवां से स्पष्टीकरण तलब किया गया और निर्देश दिया गया कि शासन की मंशानुसार मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।

