कांची कामकोटि पीठ के 68वें पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती स्वामीजी की 133वीं जयंती पर कांची कामकोटीश्वर मंदिर में विविध धार्मिक अनुष्ठान।

वाराणसी। हनुमान घाट मार्ग स्थित अत्यंत प्राचीन कांची कामकोटीश्वर मंदिर प्रांगण में गुरुचरण सेवा समिति द्वारा कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती स्वामी (परमाचार्य) की 133वीं जयंती महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर महारुद्र जप हवन, शतचंडी जप हवन तथा यतिवर्य परमहंस परिव्राजक अमृतानन्द सरस्वती संयमीन्द्र स्वामी द्वारा “वेदार्थानुसन्धान” विषय पर प्रवचन हो रहा है। इसके साथ ही प्रतिदिन कन्या पूजन, सुवासिनी पूजन तथा कांची महास्वामी का दिव्य उपदेश देववाणी “दैवत्तिन् कुरल्” पर कोयम्बत्तूर की सौभाग्यवती सरस्वती द्वारा प्रवचन दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक आर. नारायण घनपाठी, वी. चन्द्रशेखर द्राविड़ घनपाठी और के. कौशिक शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि पवित्र काशी नगरी में देवाधिदेव महादेव विश्वनाथ के अनुग्रह तथा आदि शंकराचार्य परंपरा के मूलाम्नाय सर्वज्ञपीठ कांची कामकोटि पीठ के आशीर्वाद से परमाचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती स्वामी की 133वीं जयंती मनाई जा रही है। उन्होंने बताया कि यह आयोजन जगद्गुरु शंकराचार्य जयेन्द्र सरस्वती, शंकर विजयेन्द्र सरस्वती और सत्यचन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती के आशीर्वाद से संपन्न हो रहा है।
इस अवसर पर कांची मठ वाराणसी शाखा के मुख्य प्रबंधक वी.एस. सुब्रह्मण्यम मणि, वी.एस. चन्द्रशेखर, अनन्त भट्ट, साईं कुमार, लोकेश शृंगी, अभय पाठक, वेंकटेश राघवन, बालेन्दु नाथ मिश्रा सहित अनेक गणमान्य भक्त उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में चित्रा, दिव्या, देवी, श्रुति, राधा, राजी पूजा सहित अन्य महिलाओं की भी सहभागिता रही। 9 मार्च को शाम 5 बजे से पवित्र गंगा में शिवाला घाट से राजघाट तक श्री श्री महास्वामी जी का भव्य शोभायात्रा एवं जलविहार सेवा रुद्रत्रिशती अर्चना अष्टावधान सेवा का कार्यक्रम होगा | आयोजन का समापन 10 मार्च को होगा। आयोजकों के अनुसार 10 मार्च को प्रातः 7 बजे से गोपूजा, अश्व पूजा, महारुद्र दशांश होम, शतचण्डी दशांश होम, आवहन्ति होम एवं आयुष्य होम का आयोजन किया जाएगा। इसके पश्चात 11 बजे महारुद्र होम पूर्णाहुति तथा शतचण्डी होम पूर्णाहुति संपन्न होगी। , सायं 5 बजे स्वामीजी का भव्य शोभायात्रा तथा सायं 7 बजे से विद्वानों का सम्मान आशीर्वचनम् एवं कार्यक्रम का समापन होगा।


