वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज में गोलीकांड पर भाजपा नेता स्वतंत्र मिश्रा का बयान।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल।


वाराणसी। उदय प्रताप कॉलेज में हुई गोलीबारी की घटना पर भाजपा नेता एवं काशी के सम्मानित व्यक्ति स्वतंत्र मिश्रा ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे अत्यंत निंदनीय बताया है। इस घटना में सूर्य प्रताप सिंह को गोली मारी गई, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने आरोपी मंजीत चौहान को गिरफ्तार कर लिया है।
स्वतंत्र मिश्रा ने कहा कि यह घटना वर्चस्व की लड़ाई का परिणाम है। दोनों—सूर्य प्रताप सिंह और मंजीत चौहान—इंटरमीडिएट तक साथ पढ़े थे। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि काशी हिंदू विश्वविद्यालय और आसपास के शैक्षणिक संस्थान धीरे-धीरे “अपराध की पाठशाला” बनते जा रहे हैं, जो बेहद गंभीर विषय है।
उन्होंने बताया कि इस प्रकार की घटना नई नहीं है, करीब 6 साल पहले भी इसी तरह की गोलीबारी हो चुकी है। मिश्रा ने कहा कि उदय प्रताप कॉलेज पूर्वांचल का एक प्रतिष्ठित और अनुशासित संस्थान रहा है, जहां से कई आईएएस अधिकारी निकलकर देश-विदेश में नाम रोशन कर चुके हैं। ऐसे शिक्षा के मंदिर में पिस्टल ले जाकर गोली चलाना अत्यंत शर्मनाक और गंभीर अपराध है।
कॉलेज प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए प्राचार्य के बयान का हवाला दिया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि प्रोफेसर बदमाशों से निपटने के लिए लाठी-डंडा या हथियार नहीं उठा सकते।
स्वतंत्र मिश्रा ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए:
कॉलेज कैंपस में प्रवेश से पहले आई कार्ड की अनिवार्य जांच हो
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के लिए आई कार्ड जरूरी किया जाए
समय-समय पर हॉस्टलों की तलाशी कराई जाए
बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर सख्ती से रोक लगे
कॉलेज में बिना सत्यापन किसी को प्रवेश न दिया जाए
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने कॉलेज को अय्याशी और शराब का अड्डा बना दिया है, जो शिक्षा के माहौल को बिगाड़ रहा है।
अंत में स्वतंत्र मिश्रा ने जिलाधिकारी वाराणसी से अपील की कि वे सभी कॉलेजों में सघन जांच अभियान चलाएं और सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते सख्ती नहीं की गई तो शिक्षा का स्तर धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा।
