Varanasi UP..मंडलायुक्त की अध्यक्षता में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न।

मंडलायुक्त की अध्यक्षता में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न।

वाराणसी। मंडलायुक्त एस० राजलिंगम की अध्यक्षता में श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा संचालित योजनाओं क्रमशः प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PMVBRY) तथा प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) के सम्बन्ध में एक बैठक आहूत की गयी। बैठक में विभिन्न विभागीय अधिकारियों के अतिरिक्त उद्योग संघ एवं व्यापार संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

बैठक में प्रधानमंत्री विकसित भारत योजना के सम्बन्ध में उद्योग व्यापार प्रतिनिधि को स्लाइड (PPT) के माध्यम से जानकारी प्रदान की गयी। इस योजना के अंतर्गत श्रमिकों के प्रथमबार नियोजन किये जाने की दशा में श्रमिकों के साथ-साथ सेवानियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन राशि भारत सरकार द्वारा सीधे DBT के माध्यम से प्रदान की जा रही है। योजनान्तर्गत पहली बार रोजगार पाने वाले श्रमिक जिनका वेतन रू0–1,00,000/- (रू० एक लाख) से कम होगा, उन्हें वर्ष में दो समान किस्तों में रू0-7500/-दिया जायेगा । इस प्रकार कुल रू0 – 15,000 / – का हितलाभ अनुमन्य किया जायेगा तथा सेवानियोक्ताओं को भी रू0-1,000/- से रू0-3,000/- भारत सरकार द्वारा अनुमन्य की जायेगी।

बैठक में बताया गया कि वाराणसी में कुल चिन्हित 2096 प्रतिष्ठानों मे से 1296 प्रतिष्ठानों का पंजीयन कराया गया है। शेष 880 प्रतिष्ठानों के पंजीयन में तेजी लाने एवं 15 दिवस में पंजीकरण की कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये। इसी प्रकार प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM- SYM ) के सम्बन्ध में उपस्थित व्यापार संघ के प्रतिनिधियों एवं सरकारी संस्थाओं को अवगत कराया गया कि असंगठित क्षेत्र में कार्य करने वाले 18 वर्ष से 40 वर्ष के मध्य कार्यरत श्रमिकों को 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा प्रदान किये जाने हेतु रू0 – 3,000 /- प्रतिमाह की दर से पेंशन अनुमन्य है। योजनान्तर्गत पंजीयन हेतु आयु के आधार पर रू0-55 /- से रू0-200 /- प्रतिमाह अंशदान जमा करना होगा। पंजीयन की कार्यवाही किसी भी जन सुविधा केन्द्रों या कप्यूटर / लेपटाप / मोबाइल के माध्यम से श्रमिक द्वारा स्वयं किया जा सकता है।

योजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष के प्रारम्भ से अब तक की गयी पंजीयन कार्यवाही पर अप्रसन्नता व्यक्त की गयी। सरकारी विभागों को निर्देशित किया गया कि वे लक्षित समूहों के माध्यम से अधिक से अधिक पंजीकरण कराते हुए लाभ प्रदान करें। इस योजना में मनरेगा श्रमिक, स्वयं सहायक समूह के सदस्य, आशा कार्यकत्री, मछुआरे, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मध्यान्ह भोजन कर्मी, रसोईया, नाव चालक, पशुपालक, डेयरी फर्म, मुर्गी पालक, बत्तख पालक, सुअर पालक, समाचार पत्र बाटने वाले हॉकर, घरेलू असंगठित श्रमिक, पटरी श्रमिक / फुटपाथ श्रमिक, फेरी श्रमिक, धोबी, दर्जी, मोची, नाई, रिक्शा चालक, माली, जुलाहा, कूड़ा बीनने, हाथ ठेला चलाने वाले, सब्जी विक्रेता, फल-फूल वाले, चाय-चाट ठेला श्रमिक आदि आच्छादित होते है। उक्त योजना के अंतर्गत निर्देशित किया गया कि वाराणसी क्षेत्र के सभी जनपदों में असंगठित श्रमिकों का अधिकाधिक पंजीकरण कराते हुए प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) से आच्छादन करें।

बैठक में प्रखर कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, वाराणसी एवं श्रीमती सविता यादव, अपर नगर आयुक्त, वाराणसी तथा अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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