उत्तर प्रदेश के सबसे युवा वैज्ञानिक डॉक्टर मनीष पांडे(कृषि विज्ञान केंद्र बनारस) को मिला कृषि के क्षेत्र में सबसे युवा वैज्ञानिक का खिताब ।

उत्तर प्रदेश कृषि सम्मान योजना के अंतर्गत आज “युवा वैज्ञानिक सम्मान” परमपूज्य गोरखनाथ पीठाधीश्वर एवं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के करकमलों से प्राप्त हुआ। इस अवसर पर पुरस्कार स्वरूप प्रशस्ति पत्र सहित ग्यारह हजार रुपया प्राप्त हुआ।
इसके पहले डॉक्टर मनीष पांडे रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय विश्वविद्यालय झाँसी में शिक्षण-सह-अनुसंधान सहयोगी के रूप में कार्य कर रहे थे। डॉ मनीष ने अपनी सच्ची निष्ठा और लगन ज्ञान के दम पर जब तक रानी लक्ष्मी बाई केंद्रीय विश्वविद्यालय झाँसी में रहे उन्होंने इस विश्वविद्यालय में शिक्षा शोध और प्रसार में सराहनीय कार्य किए | डॉ मनीष को सबसे युवा और होनहार जानकार जुझारू वैज्ञानिक के रूप में जाना जाता था | इन्होंने
उस समय सब्जी विज्ञान विभाग में सेम पर शोध कर तीन जननद्रव्य NBPGR नई दिल्ली में दर्ज किया। कुछ समय बाद डॉक्टर मनीष ने राजकीय कृषि वैज्ञानिक के रूप में राज्य सरकार के सहयोग में बनारस आ गए । और बहुत जल्द ही अपनी मेहनत और काबिलियत के दम पर यहां भी कृषकों के बीच में छा गए जिसका परिणाम समय-समय पर उनको इनाम के रूप में मिलता रहा है। डॉ मनीष पांडे को इससे पहले बेस्ट पोस्टर तथा कई आई.सी.ए.आर. के पुरस्कारों सहित कई प्रशस्ति पत्र मिल चुके हैं। डॉ. पांडे के एक पेटेंट, इक्कीस शोध पत्र,दो किताब तथा सैकड़ों हिंदी एवं अंग्रेजी के आर्टिकल प्रकाशित हो चुके हैं एवं पाच से ज्यादा परियोजनाओं में अपना योगदान दे चुके हैं। आचार्य नरेंद्र देव विश्वविद्यालय, अयोध्या से परास्नातक और पी.एच. डी. की पढ़ाई की है | डॉ पाण्डेय ने अपने माता पिता, गुरुजन को आभार प्रकट करते हुए ये पुरस्कार उनको समर्पित किया है। इस अवसर पर केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ नवीन कुमार सिंह, श्रीप्रकाश सिंह, डॉ राहुल सिंह, पूजा सिंह, प्रतीक्षा सिंह सहित राणा पियूष, अरविन्द कुमार, देवमनी एवं जनपद के किसानों ने हर्ष व्यक्त करते हुए खुशी जाहिर किया।

