धारा लक्ष्य समाचार पत्र
पुवांरका सहारनपुर। माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय द्वारा गुजरात स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन बड़े उत्साह एवं गरिमा के साथ किया गया। इस विशेष अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार द्वारा उत्तराखंड सीमा पर स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल माँ डाट काली मनोकामना सिद्धपीठ मंदिर, सहारनपुर की प्रेरणादायक यात्रा आयोजित की गई।

यात्रा के दौरान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने डाट काली मंदिर के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम ने युवाओं में भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने का कार्य किया।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. विमला वाई. ने अपने संदेश में कहा “कि इस प्रकार की शैक्षिक एवं सांस्कृतिक यात्राएं विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना तथा ऐतिहासिक स्थलों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें समाज, संस्कृति और राष्ट्र से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं”।
कुलसचिव कमल कृष्ण ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, सेवा भाव एवं जागरूक नागरिक बनने की भावना का विकास करना भी है।
यात्रा में डॉ. विनोद कुमार, डॉ. आर.के. गुप्ता, डॉ. विजय प्रताप, डॉ. अपूर्वा, डॉ. हर्ष, डॉ. संदीप, डॉ. मिताका, सीईओ अभिनव पुंडीर, डॉ. ममता चौधरी, डॉ. अंजू चौधरी, डॉ. शशि रानी, डॉ. भावा सोम, मानव, सुलभ, एवं सन्नी गिरी सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
