डिजिटल क्रिएटर शुभश्री साहू बनेंगी ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ अभियान की यूथ एम्बेसडर।
नई दिल्ली। जेन-जी की लोकप्रिय डिजिटल क्रिएटर और ब्लॉगर शुभश्री साहू ने ‘भिक्षावृत्ति मुक्त भारत’ अभियान के लिए यूथ एम्बेसडर के रूप में अपनी सेवाएं देने की औपचारिक घोषणा की है। सोशल मीडिया पर “डिजिटल ड्रीमवीवर” और “वाइब आर्किटेक्ट” के रूप में पहचान बना चुकी साहू अब अपनी डिजिटल पहुंच को सामाजिक बदलाव की दिशा में उपयोग करना चाहती हैं। उनका मुख्य लक्ष्य संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों—नो पॉवर्टी और जीरो हंगर को हासिल करने में योगदान देना है।

साहू ने बताया कि वह राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और ‘सिटिजन फॉर भिक्षावृत्ति मुक्त भारत के साथ मिलकर काम करने का प्रस्ताव रख चुकी हैं। उनका उद्देश्य एक ऐसे समाज का निर्माण करना है, जहां किसी भी व्यक्ति को अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए भीख न मांगनी पड़े।
नीतियों और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा
उन्होंने भिक्षावृत्ति में लिप्त लोगों के पुनर्वास के लिए
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग

के दिशा-निर्देशों को सराहते हुए भारत सरकार की स्माइल योजना को एक अहम पहल बताया। साहू का कहना है कि वह वालंटियर के रूप में जुड़कर सरकारी नीतियों और युवाओं की भागीदारी के बीच की दूरी को कम करना चाहती हैं।
“गरीबी सबसे बड़ा अभिशाप”
साहू ने कहा, “गरीबी मानवता और सम्मान पर सबसे बड़ा आघात है, जो लोगों को दो वक्त की रोटी के लिए भीख मांगने पर मजबूर करता है। मैं चाहती हूं कि आने वाली पीढ़ी इन वंचित और बेसहारा लोगों के प्रति संवेदनशील बने और उनके उत्थान के लिए आगे आए।”
डिजिटल पहुंच को सामाजिक प्रभाव में बदलने की पहल
अभी छात्रा होने के बावजूद शुभश्री साहू की डिजिटल लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। इंस्टाग्राम पर उनके 8.57 लाख से अधिक फॉलोअर्स हैं, जबकि यूट्यूब पर 1.2 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। पिछले दो वर्षों में उनके कंटेंट को 1 करोड़ से अधिक व्यूज मिल चुके हैं।
अब साहू अपनी इस लोकप्रियता को एक विशेष उद्देश्य—सामाजिक जागरूकता और बदलाव—के लिए समर्पित करना चाहती हैं। यूथ एम्बेसडर के रूप में उनका फोकस समाज में जागरूकता फैलाने और युवाओं को इस अभियान से जोड़ने पर रहेगा।
