Sitapur UP: राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण, 2 लाख से अधिक वादों का हुआ समाधान

सीतापुर में आयोजित लोक अदालत में 16 करोड़ से अधिक राशि के मामलों का निस्तारण, लाभार्थियों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र व ट्राईसाइकिल

धारा लक्ष्य समाचार 

सीतापुर संवाददाता शफीक अहमद

सीतापुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सीतापुर के तत्वावधान में मा० जनपद न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आशीष जैन की अध्यक्षता में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया।

सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक यादव ने बताया कि वर्ष 2026 की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद भर में कुल 2,01,017 वादों का सफल निस्तारण किया गया। इस दौरान कुल 16 करोड़ 25 लाख 77 हजार 146 रुपये से अधिक राशि के मामलों का समाधान कराया गया।

लाभार्थियों को वितरित किए गए प्रमाण पत्र व ट्राईसाइकिल

राष्ट्रीय लोक अदालत के शुभारंभ के बाद मा० जनपद न्यायाधीश एवं अन्य न्यायिक अधिकारियों द्वारा समाज कल्याण विभाग, जिला प्रोबेशन कार्यालय एवं दिव्यांग विभाग के चिन्हित लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं ट्राईसाइकिल वितरित की गई। इस दौरान जेल बंदियों द्वारा निर्मित वस्तुओं की प्रदर्शनी एवं एनआरएलएम स्टॉल का अवलोकन भी किया गया। व्यापार मंडल के सहयोग से चिकित्सा शिविर का आयोजन भी हुआ।

परिवार न्यायालयों में भी हुआ निस्तारण

प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कु० मंजुला सरकार द्वारा 36 वादों तथा अपर प्रधान न्यायाधीश कोर्ट संख्या-02 श्रीमती आभापाल द्वारा 64 वादों का निस्तारण किया गया। इस प्रकार परिवार न्यायालयों में कुल 100 मामलों का समाधान हुआ।

मोटर दुर्घटना व बैंक मामलों में भी समझौते

मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में 24 मामलों का निस्तारण कर 1 करोड़ 12 लाख 45 हजार रुपये का एवार्ड पारित किया गया। वहीं विभिन्न बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों द्वारा प्री-लिटिगेशन बैंक रिकवरी के 1129 मामलों का निस्तारण करते हुए लगभग 14 करोड़ 90 लाख रुपये की समझौता राशि वसूली गई।

राजस्व वादों और विभागीय मामलों का भी समाधान

जनपद के समस्त राजस्व न्यायालयों में 59,588 मुकदमों का निस्तारण किया गया। जिला विकास अधिकारी कार्यालय द्वारा 77,869, जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा 6,602 तथा नगर पालिका एवं नगर पंचायतों सहित अन्य विभागों द्वारा कुल 1,95,021 वादों का निस्तारण कर लगभग 20 लाख रुपये की वसूली की गई।

इसके अलावा प्री-लिटिगेशन वैवाहिक मामलों में 23 दंपत्तियों को आपसी सहमति से साथ रहने के लिए विदा किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, विभागीय अधिकारी एवं आमजन उपस्थित रहे।

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