तमिलनाडु में थलापति विजय की सरकार बनाने में स्टालिन की महत्वपूर्ण राजनीतिक भूमिका
तमिलनाडु में अभिनेता-नेता थलापति विजय के मुख्यमंत्री बनने में तत्कालीन मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की भूमिका राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, विजय की सरकार बनवाने में स्टालिन की मुख्य भूमिका रही है।चुनाव नतीजों में विजय की पार्टी (TVK) सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी, लेकिन बहुमत से पीछे रह गई। स्टालिन ने यह कहकर सबको चौंका दिया कि उनकी पार्टी DMK, विजय को सरकार बनाने से नहीं रोकेगी और आने वाले 6 महीनों तक कोई हस्तक्षेप नहीं करेगी। स्टालिन ने कहा कि वे लोकतंत्र का सम्मान करते हैं और राज्य में ‘संवैधानिक संकट’ नहीं चाहते, इसलिए वे जनता के जनादेश को स्वीकार करते हुए विजय को मौका दे रहे हैं। स्टालिन ने विजय को मुख्यमंत्री बनने की बधाई देते हुए कहा कि राज्य के पास पैसा नहीं है, क्योंकि वे पहले ही उन्हें 10 लाख करोड़ के कर्ज की स्थिति के बारे में बता चुके हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय को सरकार बनाने का मौका देकर उनकी प्रशासनिक परीक्षा लेने जैसा है। यदि विजय सरकार चलाने में विफल रहते हैं, तो स्टालिन फिर से मजबूत स्थिति में आ सकते हैं। स्टालिन ने एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका चुनकर विजय को सरकार बनाने का मौका दिया, जिसे कई लोग इसे एक ‘राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं।
