स्टालिन के सनातन विरोधी बयान पर भड़कीं डॉ. गीता रानी, कहा-
“भारत की जनता नहीं करेगी माफ”
वाराणसी। विश्व हिंदू महासंघ की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष (मातृशक्ति प्रकोष्ठ) डॉ. गीता रानी ने डीएमके नेता उदयनिधि स्टालिन के सनातन धर्म संबंधी बयान की कड़ी निंदा करते हुए कठोर विरोध जताया है। वाराणसी से जारी अपने बयान में उन्होंने कहा कि स्टालिन ने एक बार फिर हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए तमिलनाडु विधानसभा में कहा है कि “सनातन धर्म का समूल नाश होना चाहिए”, जो करोड़ों हिंदुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है।
डॉ. गीता रानी ने कहा कि भारत राम और कृष्ण की पवित्र भूमि है तथा सनातन धर्म ही इस देश की पहचान, अध्यात्म और वैज्ञानिक सोच का आधार है। उन्होंने कहा कि भारत की धरती पर जन्म लेकर सनातन संस्कृति का अपमान करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और देश की जनता इसे कभी माफ नहीं करेगी।
उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले भी उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से कर चुके हैं। डॉ. गीता रानी ने इसे हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाला बयान बताते हुए कहा कि ऐसे हिंदू विरोधी नेताओं का लोकतांत्रिक तरीके से खुलकर विरोध होना चाहिए।
उन्होंने देश के सभी धर्मावलंबियों, साधु-संतों, धार्मिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील की कि वे सनातन धर्म के सम्मान और संरक्षण के लिए एकजुट होकर आवाज उठाएं।
