रेवेन्यू कोर्ट में विचाराधीन भूमि की नपत पर उठे सवाल, सीमांकन व दूसरी टीम से दोबारा पैमाइश की कराने की मांग

भेटुआ/अमेठी। भेंटुआ विकासखंड के परशुरामपुर गांव में भूमि विवाद को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण सत्यदेव तिवारी द्वारा भूमि की नपत कराने की मांग किए जाने पर तहसीलदार द्वारा टीम गठित कर मौके पर पैमाइश का कार्य शुरू कराया गया। बताया जा रहा है कि संबंधित भूमि विवाद का मामला वर्तमान में रेवेन्यू कोर्ट में विचाराधीन है, इसके बावजूद नपत कराएं जाने को लेकर ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है।

नपत के दौरान दूसरे पक्ष के भवानी प्रसाद तिवारी, रामराज तिवारी, त्रिभुवन तिवारी, सोनू तिवारी, शशिकांत तिवारी, रविशंकर तिवारी, राकेश तिवारी एवं विकास तिवारी ने आरोप लगाया कि कानूनगो को कथित रूप से पैसा देकर पैमाइश सत्यदेव तिवारी के पक्ष में कराई जा रही है। ग्रामीणों ने निष्पक्ष जांच कर दूसरी टीम गठित कर दोबारा नपत व सीमांकन कराने की मांग उठाई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि नपत की प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही जेसीबी मशीन बुला ली गई, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं यह भी आरोप लगाया गया कि सत्यदेव तिवारी द्वारा खलिहान की भूमि पर मकान निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी पैमाइश भी हो चुकी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

ग्रामीणों ने लेखपाल पंकज गुप्ता और कानूनगो रामदय यादव पर मिलीभगत तथा पैसे लेकर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

वहीं जब कानूनगो से नपत को लेकर जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया। ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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