धारा लक्ष्य समाचार पत्र
चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा तालाब एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों को प्रदेश के तालाबों के बेहतर प्रबंधन, रख-रखाव और सौंदर्यीकरण को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि तालाबों को स्वच्छ और उपयोगी बनाए रखने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें गंदा पानी जमा न होने पाए। उन्होंने कहा कि गांवों के गंदे पानी को सीधे तालाबों में डालने के बजाय “थ्री-पॉन्ड सिस्टम” विकसित किया जाए, जिससे पानी का उचित उपचार हो सके और तालाबों का पानी स्वच्छ बना रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि तालाबों के रखरखाव और निगरानी की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपी जाए। इससे स्थानीय स्तर पर तालाबों की साफ-सफाई और संरक्षण बेहतर ढंग से किया जा सकेगा। उन्होंने पंचायतों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने बड़े तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि तालाबों की बोली प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से नीलामी की व्यवस्था की जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाब केवल जल संरक्षण का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन और ग्रामीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इनके संरक्षण और बेहतर उपयोग के लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
