धारा लक्ष्य समाचार पत्र
पृथ्वीनाथ मंदिर दर्शन को निकले थे श्रद्धालु, वाहन अनियंत्रित होकर डूबा; चार को बचाया गया, मुख्यमंत्री ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को मिलेगा 5-5 लाख मुआवजा

गोंडा, 3 अगस्त | संवाददाता
गोंडा जिले में रविवार सुबह का समय एक हृदयविदारक त्रासदी लेकर आया, जब श्रद्धालुओं से भरी बोलेरो सरयू नहर में गिर गई। इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक ही परिवार के 9 सदस्य शामिल थे। हादसे की खबर से इलाके में कोहराम मच गया, गांवों में मातम पसर गया और हर आंख नम हो गई।
धरती पर टूटा कहर, नहर में समा गई जिंदगी
जानकारी के अनुसार, मोतीगंज थाना क्षेत्र के सीहागांव निवासी प्रह्लाद गुप्ता अपने परिजनों और परिचितों के साथ पृथ्वीनाथ मंदिर दर्शन के लिए बोलेरो से निकले थे। जैसे ही वाहन रेहरा गांव के पास पारासराय-अलावल देवरिया मार्ग पर पहुंचा, अचानक अनियंत्रित होकर सरयू नहर में जा गिरा। वाहन इतनी तेजी से पानी में समा गया कि लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
15 में से 11 की मौत, 4 को बचाया गया
बोलेरो में कुल 15 लोग सवार थे। हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण, पुलिस और राहत टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। चार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन 11 की जान नहीं बचाई जा सकी। गोताखोरों की मदद से वाहन और शवों को बाहर निकाला गया।
ये रहे मृतकों के नाम – एक साथ बुझ गया चिरागों भरा घर
प्रशासन द्वारा जारी सूची के अनुसार, मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है:
रामबेटी (60 वर्ष)
सरोजा देवी (58 वर्ष)
राजू (30 वर्ष)
नरेंद्र (32 वर्ष)
पंकज (28 वर्ष)
आरती (25 वर्ष)

गुड़िया (22 वर्ष)
आरव (5 वर्ष)
कविता (18 वर्ष)
रिंकू (35 वर्ष)
नेहा (12 वर्ष)
इनमें से नौ लोग एक ही परिवार के सदस्य थे। सामूहिक अंत की यह घटना लोगों की आंखों में आंसू और दिलों में गहरी पीड़ा छोड़ गई है।
सीएम योगी का संवेदना संदेश, 5 लाख की सहायता राशि मंजूर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हृदयविदारक हादसे पर गहरा शोक प्रकट किया है और जिला प्रशासन को पीड़ित परिवारों को हरसंभव मदद पहुंचाने का निर्देश दिया है। सरकार द्वारा प्रत्येक मृतक के परिजन को ₹5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।
घटनास्थल पर उमड़ा जनसैलाब, मातम में डूबा गांव
जैसे ही हादसे की खबर सीहागांव और आसपास के गांवों में पहुंची, पूरा क्षेत्र शोक के सागर में डूब गया। घटनास्थल पर रोते-बिलखते परिजन, स्तब्ध ग्रामीण और संवेदनाएं जताते अधिकारी – हर चेहरा गमगीन था। महिलाएं छाती पीटती रहीं, बच्चों की चीखें गांव की फिजा में गूंजती रहीं। यह दृश्य शब्दों में बयान कर पाना कठिन है।
जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने लिया घटनास्थल का जायजा
हादसे की जानकारी मिलते ही डीएम प्रियंका निरंजन, एसपी और मंडलायुक्त सहित प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। राहत-बचाव कार्य की निगरानी की गई और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। प्रशासन ने तेज गति और वाहन असंतुलन को हादसे का प्राथमिक कारण माना है।
सड़क हादसा नहीं, सामाजिक चेतावनी है यह
इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और वाहन संचालन के प्रति हमारी लापरवाही की कड़ी कीमत दिखा दी है। ये सिर्फ एक वाहन दुर्घटना नहीं थी, बल्कि पूरे समाज के लिए एक चेतावनी है — कि यात्रा के दौरान सावधानी, गति पर नियंत्रण और वाहन फिटनेस को अनदेखा करना कितना भयावह परिणाम दे सकता है।
