धारा लक्ष्य समाचार पत्र
बाराबंकी में जहां एक और लगातार तीसरे दिन भी पेड़ से पानी निकालने का सिलसिला जारी रहा जहां लोगों कौतूहल लगा है यह अद्भुत नजारा बाराबंकी के देवा मेला ऑडिटोरियम के पास एक पेड़ से देखने को मिल रहा है जहाँ एक पेड़ से पानी गिरता हुआ देखा जा सकता है कुछ लोगों ने कहा कि चमत्कार है वहीं कुछ लोगों ने अंध विश्वास माना
इस मामले में वन विभाग नें बड़ी जानकारी देते हुए बताया कि
*देवा मेला क्षेत्र में पेड़ से टपक रहे पानी के संबंध में* पेड़ों की पत्तियों से अचानक पानी टपकना सामान्यतः गटेशन नामक प्रक्रिया के कारण होता है, जिसमें रात के ठंडे तापमान, स्थिर हवा और उच्च आर्द्रता की स्थिति में वाष्पीकरण धीमा हो जाता है और पत्ती में जमा अतिरिक्त पानी विशिष्ट ग्रंथियों से बाहर निकलता है. इसके अलावा, यदि पेड़ में कीटों का संक्रमण हो जाए तो उनके द्वारा निकलने वाला चिपचिपा हनीड्यू भी पत्तियों से टपक सकता है.
*गटेशन (Guttation*)
क्या होता है:
यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जब पत्ती में अतिरिक्त नमी वाष्पीकृत नहीं हो पाती है, खासकर जब हवा शुष्क न हो.
कारण:
ठंडे तापमान, हवा की कमी और हवा में उच्च आर्द्रता के कारण वाष्पीकरण धीमा हो जाता है.
प्रक्रिया:
पौधे की जड़ें मिट्टी से पानी सोखती हैं और जाइलम नामक ऊतक द्वारा पत्तियों तक पहुँचाती हैं. वाष्पीकरण न होने पर, पत्ती के अंदर पानी का दबाव बढ़ता है और विशिष्ट ग्रंथियों से बूंदों के रूप में निकलता है.
कब होता है:
यह रात में अधिक होता है, क्योंकि इस समय पत्ती के रंध्र बंद हो जाते हैं और हवा में वाष्पीकरण के लिए कम जगह होती है.
हनीड्यू (Honeydew)
क्या होता है:
पेड़ से पानी टपकने वाले प्रकरण में वन विभाग में दी बड़ी जानकारी एफिड्स, स्केल कीड़े और अन्य चूसने वाले कीड़ों द्वारा छोड़ा गया एक चिपचिपा, शर्करा युक्त पदार्थ होता है.
कारण:
ये कीट पेड़ की संवहन प्रणाली में छेद करके रस चूसते हैं और अतिरिक्त शर्करा को बाहर निकाल देते हैं.
पहचान:
यह आमतौर पर पत्तियों पर चिपचिपा और मीठा महसूस होता है और कभी-कभी पेड़ के नीचे की सतह पर भी पाया जाता है.

