जांच में खलिहान पाए जाने पर भी तहसील प्रशासन आखिर मौन क्यों?
जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली

बछरावां रायबरेली। स्थानीय विकासखंड की इशिया ग्राम सभा में खलिहान की भूमि पर दुकाने निर्माण करा लिए जाने को लेकर ग्रामीणों मे भयंकर आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। मजे की बात यह है कि इस संदर्भ में तहसील प्रशासन से लगातार शिकायत की जाती रही, परंतु लेखपाल से लेकर तहसीलदार तक मौन रहे। अंततोगत्वा पूर्व प्रधान शिवराज सिंह के नेतृत्व में जब ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से शिकायत की और जिलाधिकारी के आदेश पर गांव में जांच टीम पहुंची, जांच टीम ने पाया कि उक्त निर्माण खलिहान की भूमि पर किया गया है, जो अवैध है।
परंतु इसके बाद भी निर्माण न हटाए जाने को लेकर ग्रामीणों में भयंकर आक्रोश पैदा हो रहा है। पूर्व प्रधान शिवराज सिंह ने बताया कि उनकी ग्राम सभा के अंदर गाटा संख्या 2210 रकबा 01260 हेक्टेयर खलिहान की भूमि है, यह भूमि डामरीकृत मार्ग के किनारे होने के कारण मौजूदा समय में बेहद कीमती है।
उक्त जमीन पर गांव के ही श्रवण कुमार पुत्र कालीचरन द्वारा पहले गिट्टी व मौरंग गिराकर कारोबार शुरू किया गया, बाद में उस स्थान पर छप्पर रख लिया गया। चूकि यह कार्य अस्थाई था, इसलिए गांव वालों ने विरोध नहीं किया। परंतु लगभग एक माह पूर्व श्रवण कुमार द्वारा उक्त भूमि पर पक्की दुकानें बनवाई जाने लगी। उनके इस कार्य का जब ग्रामीणों ने विरोध किया तो उन्होंने कहा कि बहुत लोगों ने ग्राम समाज की जमीन पर घर बना रखे हैं,

यह कहते हुए उन्होंने निर्माण कार्य जारी रखा पूर्व प्रधान शिवराज सिंह ने बताया कि इस पर उनके द्वारा लेखपाल को सूचना दी गई। क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा जांच करना भी उचित नहीं समझा गया। तब ग्रामीणों की मांग पर उन्होंने मुख्यमंत्री पोर्टल पर ऑनलाइन यह जानकारी अधिकारियों को दी।
लगभग एक माह होने को आ रहा है। तहसीलदार के यहां उनका प्रार्थना पत्र लंबित पड़ा हुआ है। अधिकारियों के इस लापरवाही को देखकर उन्होंने रायबरेली जाकर जिलाधिकारी से फरियाद लगाया तो दूसरे दिन टीम गांव पहुंच गई। नाप जोख करने के बाद आए हुए अधिकारियों ने बताया कि जिस जमीन पर श्रवण कुमार द्वारा दुकान बनवाई गई हैं, वह जगह खलिहान के लिए आरक्षित है। यह निर्माण अवैध है। सवाल यह उठता है
कि सरकार द्वारा चारागाह, खलिहान, श्मशान, कब्रिस्तान, तालाब की भूमि पर कब्जा न किए जाने का आदेश दिया गया है। परंतु राजस्व विभाग की लापरवाही के चलते निर्माण कार्य काफी हद तक हो चुका है जिस समय अधिकारियों ने जांच किया था। उस समय केवल खंबे खड़े थे। परंतु अधिकारियों के जाने के बाद स्लेप भी डाल दी गई, सटर भी लगवा लिया गया ।
और विधिवत खाद तथा सीमेंट का काम भी उन दुकानों में संचालित किया जाने लगा। पूर्व प्रधान तथा ग्रामीणों का कहना है कि अगर तहसील प्रशासन द्वारा उक्त खलिहान की जमीन को अतिशीघ्र खाली न कराया गया तो एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से गुहार लगाकर न्याय की फरियाद करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि उक्त स्थान पर दुकानों के अलावा जितनी जमीन पर कब्जा है,
उस पर आज भी गिट्टी मौरंग का काम किया जा रहा है। जिसके चलते दिन में हर समय ट्रैक्टर व ट्राली आती रहती हैं परिणाम स्वरूप डामरी कृत मार्ग लगभग बर्बाद हो चुका है। जिसका खामियाजा स्कूल जाने वाले नन्हे मुन्ने बच्चे भुगत रहे हैं। अब देखना यह है की तहसील प्रशासन कब तक कार्यवाही करता हुआ नजर आता है।
