एमएसयू में गुजरात स्थापना दिवस पर जन जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन

धारा लक्ष्य समाचार
निशा कश्यप
सहारनपुर।
माँ शाकुंभरी विश्वविद्यालय में गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों का भव्य आयोजन बड़े उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में फिल्म स्क्रीनिंग, फैशन शो, गरबा नृत्य एवं विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी उपस्थित जनों का मन मोह लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक धरोहरों तथा “विविधता में एकता” की महान भावना से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. विमला वाई. ने की। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने व्यक्तित्व के साथ आत्मविश्वासपूर्वक जीना चाहिए तथा अपनी प्रतिभाओं को छिपाने के बजाय उन्हें निरंतर निखारना चाहिए। उन्होंने कहा कि जीवन में निरंतर आगे बढ़ते रहना ही सफलता का मूल मंत्र है। भारत की पहचान उसकी सांस्कृतिक विविधता एवं एकता में निहित है, जो पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों को एक-दूसरे का सम्मान करने, अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करने तथा विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया।
प्रो. विमला वाई. ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना एवं सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें समाज, संस्कृति और राष्ट्र से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित रैम्प वॉक प्रतियोगिता में वंदन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि तुषार द्वितीय स्थान पर रहे। वहीं आरिफ एवं तमन्ना को संयुक्त रूप से तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रतिभागियों की प्रस्तुति एवं आत्मविश्वास की सभी ने सराहना की।
इस अवसर पर मुनालाल डिग्री कॉलेज की डॉ. तानिया एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत गरबा नृत्य ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण उत्पन्न किया। उनकी रंगारंग प्रस्तुति को उपस्थित सभी लोगों ने खूब सराहा। कार्यक्रम में बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर भगवान बुद्ध को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए तथा “अप्प दीपो भव” के संदेश के माध्यम से आत्मनिर्भरता एवं आत्मप्रकाश का महत्व बताया गया। साथ ही श्रमिक दिवस के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
कुलसचिव कमल कृष्ण ने कहा कि फिल्म स्क्रीनिंग, फैशन शो एवं गरबा जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, सामाजिक जागरूकता एवं सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर डॉ. विनोद कुमार, डॉ. आर.के. गुप्ता, डॉ. राजकुमार, डॉ. अंकिता चौधरी, डॉ. प्रतिभा चौहान, डॉ. विजय प्रताप, डॉ. अपूर्वा, डॉ. हर्ष सिंह, डॉ. संदीप, डॉ. अर्चस्वी त्यागी, डॉ. सुरेंद्र कुमार, डॉ. मिताका, सीईओ अभिनव पुंडीर, डॉ. ममता चौधरी, डॉ. डिंपल, डॉ. अंजू चौधरी, मानव, सुलभ,डॉ. प्रदीप कुमार, एवं सन्नी गिरी सहित अनेक शिक्षक, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

