जिलाधिकारी ने फीता काटकर कार्यक्रम का किया शुभारंभ।
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कर्मियों को किया गया सम्मानित।

धारा लक्ष्य समाचार पत्र
अमेठी। नारी सुरक्षा, सम्मान एवं स्वालंबन के लिए समर्पित मिशन शक्ति 5.0 तथा राष्ट्रीय पोषण माह 8.0 अभियान के अंतर्गत आज जिला पंचायत रिसोर्स सेंटर (डीपीआरसी), गौरीगंज में जनपद स्तरीय कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी संजय चौहान ने फीता काटकर किया।
इस दौरान उन्होंने पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक एवं मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन किया, गर्भवती महिलाओं की गोद भराई की तथा छह माह के बच्चों का प्रथम अन्नप्राशन कराया। इसके उपरांत विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला पुलिस कर्मियों, ग्राम पंचायत अधिकारियों, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, सुपरवाइजर्स, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं सहित ग्राम्य विकास विभाग से जुड़ी महिलाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि “मिशन शक्ति अभियान सरकार की वह महत्त्वाकांक्षी पहल है, जो महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण की दिशा में कार्य कर रही है। महिलाओं को यह जानना आवश्यक है कि विषम परिस्थितियों में किन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करना है

तथा सरकार द्वारा उनके हित में कौन-कौन सी योजनाएं चलाई जा रही हैं। इन योजनाओं की जानकारी केवल खुद तक सीमित न रखें, बल्कि गांव-गांव तक पहुंचाएं ताकि अधिक से अधिक महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।” पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने कहा कि “मिशन शक्ति अभियान शारदीय नवरात्रि के अवसर पर मुख्यमंत्री जी द्वारा 22 सितम्बर को प्रारंभ किया गया था।
इस अभियान का मूल उद्देश्य महिलाओं को आत्मनिर्भर और सजग बनाना है। शासन द्वारा जारी विभिन्न हेल्पलाइन नंबर महिलाओं की सुरक्षा कवच हैं। किसी भी संकट की स्थिति में महिलाएं इन नंबरों पर तत्काल संपर्क कर सकती हैं और त्वरित मदद पा सकती हैं।” उन्होंने महिलाओं से आग्रह किया कि वे न केवल अपने अधिकारों को पहचानें,
बल्कि अन्य महिलाओं को भी इसके प्रति जागरूक करें। मुख्य विकास अधिकारी सूरज पटेल ने कहा कि “मिशन शक्ति मात्र एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिलाओं के जीवन में परिवर्तन लाने वाला सशक्त अभियान है। बिना मेहनत के कोई भी मिशन सफल नहीं हो सकता।
इसलिए सभी महिलाओं को दो चीजें अवश्य सीखनी चाहिए—पहली, वित्तीय प्रबंधन (फाइनेंस) की समझ और दूसरी, कानून की जानकारी। जब महिलाएं आर्थिक और कानूनी रूप से सशक्त होंगी, तभी उनका सशक्तिकरण सार्थक होगा।” इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, डीसी एनआरएलएम प्रवीणा शुक्ला एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी संतोष श्रीवास्तव ने भी अपने-अपने विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी और महिलाओं से उनका लाभ लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ़ वीमेन एवं सखी वन स्टाफ केंद्र की टीम द्वारा महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से संबंधित पम्पलेट का वितरण किया गया एवं धात्री महिलाओं को बेबी किट प्रदान किया गया साथ एच0ई0डब्ल्यू0 कार्मिक द्वारा उपस्थित महिलाओं को मातृत्व वंदना योजना, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (कोविड एवं सामान्य), कन्या सुमंगला योजना, सखी वन स्टाफ सेंटर, जननी सुरक्षा योजना आदि के बारे में विस्तार से बताते हुए सभी टोल फ्री नंबर महिला हेल्पलाइन 181, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, वीमेन पावर लाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112, साइबर हेल्पलाइन 1930, एंबुलेंस सेवा 108,
तथा महिला कल्याण विभाग से संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार सिंह, डिप्टी कलेक्टर/जिला प्रोबेशन अधिकारी सात्विक श्रीवास्तव, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी, विभिन्न विभागों की महिला कर्मी एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं।
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