धारा लक्ष्य समाचार पत्र
मामले को लेकर मुख्यमंत्री को लिखा शिकायती पत्र, संबंधित अधिकारियों को बताया दोषी
अमेठी। जिले के गंगोली चौराहे पर स्थित पुराना गाटा संख्या 1572 (रकबा 19 विश्वा 5 धुर) को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। किसान मजदूर सेवा संस्थान के बैनर तले प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने प्रेस के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं।
राजकुमार पांडेय का कहना है कि सपा नेता शिव प्रताप यादव ने चकबंदी विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से गाटा संख्या 1572 को रिकॉर्ड से गायब कर, उसकी जगह तीन नए गाटा 2289, 2290 और 2291 बना दिए।
इसके साथ ही उनके अनुसार, शिव प्रताप यादव की पत्नी के नाम दर्ज गाटा संख्या 2288 जिसका रकबा 220 वर्गमीटर और रोड पर 6 मीटर माना गया था, चकबंदी में “लिखा-पढ़ी में हेरफेर” कर 370 वर्गमीटर और 28 मीटर रोड फ्रंट कर लिया गया।
आरोप है कि SDM, तहसीलदार, नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की मिलीभगत से तालाब की जमीन पर अवैध निर्माण कराए गए।
15 जून 2025 को नायब तहसीलदार और राजस्व टीम द्वारा नोटिस देने के बावजूद, “प्रधान बहू” के पद का फायदा उठाकर कब्जा जारी रखा गया और इसे मनरेगा/राज्य वित्त कार्य बताकर वैध ठहराने की कोशिश हुई।
राजकुमार पांडेय का दावा है कि गंगोली चौराहे पर गाटा संख्या 284 बंजर पर चार नए मकान बनवाए गए। मौके पर लेखपाल विक्रम ने स्वीकार किया कि यह निर्माण “बबलू”, प्रधान पति का है।
इसी प्रकार, मटेरा में तालाब गाटा 967, अंत्येष्टि स्थल व बागवानी वाली दो बीघा जमीन की बाउंड्री करवाकर कब्जा किए जाने का भी आरोप लगा है। यहां तक कि अपने निजी घर से लोक निर्माण विभाग का बना खड़ंजा व सार्वजनिक रास्ता तोड़कर आवागमन बंद करने की बात भी सामने आई है।
पुराने गाटा 1574–1575 और बंजारा सटे तालाब की प्लॉटिंग कर बेचने व निर्माण कराने का भी आरोप लगाया गया। तालाब गाटा 2257 व 2258 पर “सरकारी अंत्येष्टि स्थल” बनवाने का भी मुद्दा उठाया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पांडेय ने इन सभी मामलों की शिकायत मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर की है और अमेठी तहसील के राजस्व कर्मचारियों की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की है।

