मतदाता सूची पुनिरिक्षण कार्य पर जो जनता की गाढ़ी कमाई खर्च करने के बाद भी सूची शुद्ध नहीं हुई इसका जिम्मेदार कौन है -संजय चौबे
हिन्दू धर्म मे कन्या का कन्यादान होता है जिसके कारण धार्मिक रीतिरिवाज से महिला का मायके से केवल भावनात्मक जुड़ा रहता है -संजय चौबे

एस आई आर की प्रक्रिया मे शादी शुदा महिलाओं से उनके पति के स्थान पर उनके माता पिता का वोटर आई डी माँगना अनुच्छेद 326 का उलंघन है -संजय चौबे
एस आई आर प्रक्रिया मे महिलाओं का उत्पीड़न बंद हो -संजय चौबे
धारा लक्ष्य समाचार पत्र
वाराणसी किसान काँग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता /उपाध्यक्ष संजय चौबे ने मुख्य चुनाव आयुक्त कों भेजे पत्र मे कहा कि आपके द्वारा देश के विभिन्न राज्यों मे प्रत्येक साल मतदाता पुनिरिक्षण का कार्य कराया जाता है एवम इस समय एस आई आर की प्रक्रिया जारी है ,मतदाता पुनरीक्षण मे प्रत्येक साल आपके द्वारा मतदाता सूची पर देश के नागरिकों की गाढ़ी कमाई कों खर्च किया जाता है ।
वोटरलिस्ट कों शुद्ध करने के लिये,लेकिन बड़े ही अफसोस के साथ कहना पड़ रहा है इतना समय औऱ धन खर्च करने बाद भी वोटर लिस्ट शुद्ध नहीं हुई इसी कारण आपके द्वारा देश के कई राज्यों मे एस आई आर की प्रक्रिया चल रही है जबकि संविधान के अनुच्छेद 324के धारा 21 के तहत एस आई आर की प्रक्रिया तभी करायी जाती है।
जब राज्य का पुनर्गठन हो ,लोकसभा औऱ विधानसभा की सीमाओं का पुनर्गठन हो या वोटरलिस्ट मे भारी अनियमितता की शिकायत मिले।
अब सवाल उठता है आज तक जो प्रति वर्ष मतदाता सूची का पुनिरिक्षण हुआ है औऱ उस कार्य मे आज तक जितना रुपया खर्च हुआ उसका खुलासा आपके द्वारा होना चाहियॆ जिससे आमजनता कों पता चल सके कि कितना रुपया व्यर्थ मे खर्च किया गया उसका जिम्मेदार कौन है औऱ उस पर क्या कार्यवाई हुई ।

चौबे ने कहा कि आज के समय मे एस आई आर की प्रक्रिया चल रही है जिसमें उन मतदाताओं कों तो कोई दिक्कत नहीं है जिनका नाम 2003 की वोटर लिस्ट मे है लेकिन उन मतदाताओं खासकर महिलाओं कों काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जिनका नाम 2003 की वोटर लिस्ट मे नहीं है अर्थात जिनका नाम 2003 की मतदाता सूची के बाद जोड़ा गया है।
हिन्दू धर्म मे शादी के समय महिला का कन्यादान होता है ऐसे मे शादीशुदा महिलाओं मे रीतिरिवाज के अनुसार अपने मायके से बस भावनात्मक जुड़ाव रह जाता है इसलिये मतदाताओं मे खासकर शादीशुदा महिलाओं कों ज्यादा दिक्कत आ रही है जब बी एल ओ उनसे उनके माता पिता की वोटर आई डी माँग रही है जिनके माता पिता जिंदा है उनका काम तो चल जा रहा है
,लेकिन जिनके माता पिता मर गये है उनको काफी मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है
चौबे ने कहा कि आपके फार्म मे 2003 की जानकारी भरते समय संबंधी औऱ संबंध का जिक्र है जिसके सहायता से ससुर या पति के आधार पर पत्नी का नाम वोटर लिस्ट मे जुड़ सकता है ऐसा संविधान के अनुच्छेद 326 मे भी जिक्र है ,फिर भी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों से ऐसी खबरें आ रही है कि शादीशुदा लड़कियां अपने मायके से संपर्क करके वोटर आई डी माँग रही है ।
जिनके माता पिता या संबंधी अब इस दुनियां मे नहीं है उन महिलाओं कों दिक्कतों सामना करना पड़ रहा है जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न हो रहा है
चौबे ने कहा कि यही कारण है कि उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य एस आई आर की प्रक्रिया काफी धीमी है अतः आपसे निवेदन है कि आप अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए एक आदेश जारी करें कि बी एल ओ महिलाओं से मृत्य माता पिता की वोटर आई डी न मांगे।
चौबे ने कहा कि चुनाव आयोग एस आई आर प्रक्रिया से संबंधित विज्ञापन के द्वारा जन प्रचार करें कि एस आई आर कि प्रक्रिया मे वोटर लिस्ट मे पत्नी का नाम जुड़वाने के लिये लोगो कों सरल प्रक्रिया का पता चल सके जिससे बी एल ओ औऱ उनके ऊपर के अधिकारियों मे एस आई आर की प्रक्रिया संबंधी जानकारी हो सके
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