युगपुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 58वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी आयोजित।
कुलपति की अध्यक्षता में शोधपीठ द्वारा विचार गोष्ठी का आयोजन, वक्ताओं ने एकात्म मानववाद के सिद्धांतों पर डाला प्रकाश।
वाराणसी आज दिनांक 11 फरवरी 2026 को विश्वविद्यालय परिसर में युगपुरुष पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की 58वीं पुण्यतिथि के अवसर पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोधपीठ द्वारा श्रद्धांजलि सभा एवं संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय कुलपति महोदय ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर कुलपति महोदय ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के ‘एकात्म मानववाद’ के दर्शन को आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक बताते हुए उनके विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया।
संगोष्ठी में उपस्थित वक्ताओं ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके राष्ट्रवादी चिंतन, सामाजिक समरसता और अंत्योदय की अवधारणा को विस्तार से प्रस्तुत किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके सिद्धांत आज भी राष्ट्र निर्माण के मार्गदर्शक हैं।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्राध्यापकगण, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

