श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी पर प्राचीन रजत प्रतिमा से परम्परा निभाने की मांग।
वाराणसी, रंगभरी एकादशी महोत्सव के अवसर पर पूर्व महंत लोकपति तिवारी ने मंदिर प्रशासन से मांग की है कि बाबा विश्वनाथ की प्राचीन रजत चल प्रतिमा से ही परम्पराओं का निर्वहन कराया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक वर्ष महंत आवास से पालकी यात्रा निकालकर बाबा की रजत प्रतिमा को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान कराया जाता है तथा श्रद्धालुओं को रंग-गुलाल के साथ झांकी दर्शन कराया जाता है।
आरोप है कि पिछले लगभग पाँच वर्षों से प्राचीन प्रतिमा को न लाकर कथित रूप से दूसरी प्रतिमा से परम्परा सम्पन्न कराई जा रही है, जबकि प्राचीन प्रतिमा उनके बड़ादेव स्थित आवास पर विराजमान है, जिसकी नियमित पूजा-अर्चना की जाती है।उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की गई है और इस विषय में स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया है।
पूर्व महंत ने जिला प्रशासन एवं मंदिर प्रशासन से प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर प्राचीन परम्परा को बहाल करने की मांग की है, ताकि रंगभरी एकादशी महोत्सव प्राचीन रजत प्रतिमा से ही सम्पन्न हो सके।

