Varanasi UP….स्टडीआईक्यू ने प्रयागराज में नया केंद्र शुरू किया, यूपीएससी तैयारी के बड़े केंद्र के रूप में शहर की पहचान और मजबूत

स्टडीआईक्यू ने प्रयागराज में नया केंद्र शुरू किया, यूपीएससी तैयारी के बड़े केंद्र के रूप में शहर की पहचान और मजबूत

प्रयागराज: एडटेक लीडर और अड्डा एजुकेशन की सहायक कंपनी स्टडीआईक्यू, जो यूपीएससी पीसीएस और न्यायपालिका परीक्षा पाठ्यक्रमों में विशेषज्ञता रखती है, ने सिविल सेवा तैयारी के क्षेत्र में अपनी ऑफलाइन उपस्थिति को और मजबूत करते हुए प्रयागराज में अपने सबसे बड़े इंटीग्रेटेड यूपीएससी सेंटर की शुरुआत की है। यह कदम शहर को यूपीएससी और राज्य सेवा अभ्यर्थियों के लिए पसंदीदा केंद्र के रूप में उभरने को और मजबूती प्रदान करेगा। नए सेंटर का उद्घाटन स्टडीआईक्यू के सीईओ स्वप्निल त्रिपाठी ने छात्रों और सेंटर प्रबंधन के साथ किया, जिसके बाद क्षेत्रीय मीडिया के साथ बातचीत भी आयोजित की गई।उद्घाटन के अवसर पर स्टडीआईक्यू के सीईओ स्वप्निल त्रिपाठी ने कहा प्रयागराज की समृद्ध शैक्षणिक परंपरा रही है और यहाँ से कई पीढ़ियों के प्रशासक और लोकसेवक निकले हैं। सिविल सेवा तैयारी के बदलते स्वरूप के साथ यह आवश्यक है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों के छात्रों को सख्त अकादमिक प्रशिक्षण, मजबूत मार्गदर्शन और सही एक्सपोज़र मिले, जिसकी वजह से वह बड़े शहरों में पलायन करने के लिए मजबूर हुए। इसके अलावा स्थानीय लर्निंग इकोसिस्टम को मजबूत करना आज समय की मांग हैं।स्टडीआईक्यू,की मूल कंपनी अड्डा एजुकेशन के संस्थापक एवं सीईओ अनिल नागर ने कहा, “कई वर्षों से कड़ी यूपीएससी की तैयारी कुछ चुनिंदा शहरों तक ही सीमित रही है, जिससे कई प्रतिभाशाली छात्रों की पहुँच बाधित होती है। हमारा ध्यान प्रयागराज जैसे शहरों में उच्च गुणवत्ता और परिणाम-केंद्रित शिक्षण वातावरण तैयार करने पर है, जहाँ पहले से ही प्रतिभा और आकांक्षा मौजूद है। यह विस्तार इस विश्वास को दर्शाता है कि अच्छी तैयारी तक पहुँच भूगोल पर निर्भर नहीं होनी चाहिए।5,000 वर्ग फुट में फैला नया कैंपस कक्षाओं, मेंटरशिप स्पेस, टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सहायता सुविधाओं को एक ही छत के नीचे लाता है। इसे प्रयागराज के साथ-साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार के आसपास के क्षेत्रों से आने वाले अभ्यर्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।स्टडीआईक्यू ने प्रयागराज में अपनी ऑफलाइन गतिविधियाँ वर्ष 2025 की शुरुआत में शुरू की थीं और वर्तमान में 700 से अधिक छात्र यहाँ नामांकित हैं। अगले एक वर्ष में 1,100 से अधिक नए अभ्यर्थियों को जोड़ने की योजना है। सेंटर को 14 अनुभवी फैकल्टी सदस्यों और एक समर्पित अकादमिक व छात्र सहायता टीम का समर्थन प्राप्त है।प्रयागराज सेंटर स्टडीआईक्यू के हाइब्रिड स्मार्ट लर्निंग मॉडल का अनुसरण करता है, जिसमें कक्षा शिक्षण को डिजिटल संसाधनों, संरचित मेंटरिंग और नियमित मूल्यांकन के साथ जोड़ा गया है। टेक्नोलॉजी का उपयोग गुणवत्ता नियंत्रण और पर्सनलाइज़ेशन को मजबूत करने के लिए किया जाता है, जिसमें केंद्रीकृत अकादमिक मॉनिटरिंग और ए आई -आधारित मूल्यांकन टूल शामिल हैं, जो छात्रों को उत्तर लेखन पर विस्तृत फीडबैक और कस्टमाइज्ड स्टडी प्लान प्रदान करते हैं।लॉन्च के हिस्से के रूप में, स्टडीआईक्यू, ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के चयनित छात्रों के लिए 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति की घोषणा की, जिससे सेंटर ने मेरिट-आधारित और समावेशी सिविल सेवा तैयारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस विस्तार के साथ ही, स्टडीआईक्यू का उद्देश्य छात्रों को महानगरों में पलायन की आवश्यकता को कम करना है और आने वाले महीनों में टियर-2 और टियर-3 शहरों में इसी तरह के सेंटर स्थापित करने की योजना है।

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