मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर प्रकरण: सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के अंतरिम आदेशों के उल्लंघन का आरोप।
वाराणसी। मोहनसराय ट्रांसपोर्ट नगर योजना से प्रभावित किसानों ने आरोप लगाया है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण द्वारा माननीय न्यायालयों के स्पष्ट अंतरिम आदेशों की अवहेलना की जा रही है।
किसानों के अनुसार, मामले में दायर स्पेशल लीव पिटीशन (SLP) संख्या 20832/2023 पर 16 फरवरी 2026 को उच्चतम न्यायालय में सुनवाई हुई, जिसमें माननीय चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली पीठ ने निर्देश दिया कि “यदि कोई अंतरिम आदेश प्रभावी है तो वह अगली सुनवाई 21 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगा।”
इससे पूर्व इलाहाबाद उच्च न्यायालय की रिट संख्या 36353/2023 में 21 नवंबर 2023 से किसानों के पक्ष में अंतरिम स्थगन आदेश प्रभावी है, जिसकी अगली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को निर्धारित है।
किसानों का आरोप है कि इसके बावजूद प्राधिकरण द्वारा योजना का ले-आउट बनाकर प्लॉटों की बिक्री व बुकिंग की जा रही है तथा 18 फरवरी 2026 को लॉटरी के माध्यम से आवंटन प्रक्रिया भी की गई। साथ ही 17 फरवरी 2026 को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष द्वारा मीडिया में यह बयान दिया गया कि किसानों के पक्ष में कोई अंतरिम आदेश प्रभावी नहीं है।
किसानों ने इसे न्यायालय के आदेशों का खुला उल्लंघन व अवमानना बताते हुए जिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर न्यायालय के आदेशों का विधिक परीक्षण कराने और अनुपालन सुनिश्चित करने की मांग की है।

