सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में व्याकरण शास्त्र पर संगोष्ठी सम्पन्न।
वाराणसी। सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय के संस्कृत विद्या विभाग में व्याकरण शास्त्र के व्यावहारिक एवं दार्शनिक आयामों पर शास्त्रसंगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो० बिहारी लाल शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि व्याकरण वेदांगों में प्रधान है और समस्त शास्त्रों का आधार है।
मुख्य वक्ता संस्कृत भारती के विश्वविद्यालय शिक्षण प्रमुख डॉ० नितिन आर्य ने पाणिनि कृत अष्टाध्यायी के सूत्रों के माध्यम से व्याकरण के वैज्ञानिक स्वरूप को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पाणिनि एक महान भाषावैज्ञानिक थे, जिनकी रचना आज भी प्रासंगिक है।
इटली की एमबीबीएस छात्रा एन्तोनेला ने व्याकरण और विज्ञान के संबंध पर प्रकाश डाला। संचालन डॉ० रविशंकर पाण्डेय ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रो० शैलेश कुमार मिश्र ने किया। संगोष्ठी में प्राध्यापक एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता रही तथा शोध पत्रों का वाचन भी हुआ।

