धारा लक्ष्य समाचार पत्र
बाराबंकी के त्रिवेदीगंज स्थित रौनी पंचायत के सुप्रसिद्ध औसानेश्वर महादेव धाम में मंगलवार सुबह चंद्र ग्रहण के सूतक काल के कारण मंदिर के कपाट पूजा के बाद बंद कर दिए गए। यह निर्णय इस वर्ष के पहले चंद्र ग्रहण के सूतक काल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

मंदिर के पुजारी अतुल गोस्वामी,विनोद गिरी ने बताया कि औसानेश्वर महादेव स्वयंभू हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण के दौरान मंदिर के कपाट बंद रखना आवश्यक होता है।

जानकारी के अनुसार, चंद्र ग्रहण का सूतक काल सुबह 9 बजकर 20 मिनट से प्रारंभ होकर शाम 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। बच्चों, वृद्धों और अस्वस्थ लोगों के लिए सूतक दोपहर 3 बजे से प्रभावी माना जाएगा। यह इस वर्ष का एकमात्र चंद्र ग्रहण है, जो भारत में दिखाई देगा।
ग्रहण के दौरान चंद्रमा लाल रंग का नजर आएगा, जिसे ‘ब्लड मून’ कहा जाता है। यह दृश्य तब उत्पन्न होता है जब चंद्रमा पूर्ण रूप से पृथ्वी की छाया में आ जाता है और सूर्य की किरणें पृथ्वी के वायुमंडल से अपवर्तित होकर चंद्रमा तक पहुंचती हैं, जिससे वह तांबे या लालिमा लिए दिखाई देता है।
यह खगोलीय घटना नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और पटना सहित देश के कई प्रमुख शहरों में देखी जा सकेगी। सेमरौता, रायबरेली निवासी ठाकुर प्रसाद चौरसिया, जो मंगलवार को परिवार सहित बाराबंकी आए थे, ने बताया कि सूतक काल के कारण उन्हें बाहर से ही दर्शन कर वापस लौटना पड़ रहा है।

