धारा लक्ष्य समाचार पत्र
लखनऊ। उदयपुर के दर्जी कन्हैया लाल साहू हत्याकांड पे उदयपुर फाइल्स बनाई थी, जिससे देश के लोगो में न्याय के लिए जनजागरण हुआ था, अब उन्होंने यह तय किया है कि 15 अप्रैल 2026 से हजारों लोग कन्हैया लाल के निवास स्थान उदयपुर से अपनी पदयात्रा शुरू करेंगे और उसके 15 दिन बाद 30 अप्रैल 2026 को दिल्ली आकर मुख्य न्यायधीश सूर्यकांत के नाम ज्ञापन देंगेl

इन 15 दिन और 15 रातों में हम राजसमंद, ब्यावर, अजमेर, जयपुर, कोठपुतली, अलवर, रेवाड़ी, महिंद्रगढ़, गुरुग्राम आदि जनपदों को पार करेंगे और राजस्थान एवं हरियाणा के उक्त जिलों में ही यात्रा के पड़ाव भी रहेंगे।
कार्यक्रम के पड़ाव के लिए हमारे पास वेनिटी से लेकर टेंटो तक की व्यवस्था रहेगी जो अस्थाई रूप से कहीं भी तम्बू गाड़ के रात्रि प्रवास में मददगार होगी। लगभग 50-100 गाड़ियाँ और हजारों लोगो के इस न्याय मार्च की दुरी लगभग 700 किलोमीटर है, किन्तु यहाँ मन में एक चिंता है कि भारत सरकार द्वारा Y श्रेणी सुरक्षा जो मुझे दी गई है एक तो वो थ्रेट लेवल से बहुत ही कम है दूसरा वो सिर्फ दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए प्रद्भुत है ऐसे में 15 दिन तक बिना सीआरपीएफ के रात दिन सडक पे हजारों लोगो के बीच कौन आतंकवादी घुस आये.

. कौन देश विरोधी या कटटरवादी कन्हैया लाल या सलीम वास्तिक की तरह गला काटने को दौड़ पड़े या कौन भेष बदलकर भीड़ में घुसकर बगल से सटाकर गोली या चाकू से हमला कर दे कुछ कहा नही जा सकता, वैसे भी आम आदमी पार्टी के मेयर को पंजाब में मार दिया गया है।
और फारुख अब्दुल्ला पे NSG सुरक्षा के बावजूद कातिलाना हमला किया गया है, मुझे तो वैसे भी गोली और चाकू से मारने से ज्यादा धमकियाँ तो बम से उडाने की मिलती है 15 अप्रैल से न्याय पदयात्रा तय है और बिना सीआरपीएफ की सूरक्षा के मुझे राजस्थान और हरियाणा में किसी भी अनहोनी से इंकार नही है।
इसीलिए अमित जानी नें अनुरोध किया 15 अप्रैल से 30 अप्रैल तक उदयपुर से दिल्ली तक कि इस न्याय यात्रा के दौरान उन्होंने सीआरपीएफ की सुरक्षा एवं भीड़ को देखते हुए राजस्थान, हरियाणा का अतिरिक्त पुलिस बल देने का कष्ट करे।
