राजभाषा कार्यशाला का आयोजन।

केंद्रीय उच्च तिब्बती शिक्षा संस्थान, सारनाथ, वाराणसी के राजभाषा कार्यान्वयन समिति के तत्वावधान में आज राजभाषा कार्यशाला’ का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय ‘वैश्विक परिदृश्य में हिंदी का महत्व’ रहा, जिसमें विद्वानों ने वर्तमान समय में हिंदी की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम का उद्घाटन दीप प्रज्वलन और माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। परंपरा के अनुसार, मुख्य अतिथि और गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत ‘खतक’ और स्मृति चिन्ह भेंट कर किया गया। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो. सुमन जैन (हिंदी विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय) ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि कैसे हिंदी आज केवल भारत की सीमा तक सीमित न रहकर वैश्विक मंचों, व्यापार और तकनीक के क्षेत्र में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही है। प्रो. जैन ने स्पष्ट किया कि हिंदी अब केवल उत्तर भारत या भारत की सीमाओं तक सीमित नहीं है। यह विश्व की तीसरी सबसे बड़ी बोली जाने वाली भाषा के रूप में उभरी है। उन्होंने बताया कि हिंदी दुनिया भर में फैले भारतीय प्रवासियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का सबसे सशक्त माध्यम है। विश्व के अधिकांश विश्वविद्यालयों में हिंदी के पठन-पाठन का होना इसकी अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता का प्रमाण है।
मुख्य वक्ता ने एक महत्वपूर्ण तथ्य यह रेखांकित किया कि आधुनिक युग में भाषा केवल भावनाओं की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि ‘आर्थिक शक्ति’ भी है। भारत के विशाल बाजार तक पहुँचने के लिए बड़ी वैश्विक कंपनियों (जैसे गूगल, अमेज़न, फेसबुक) को हिंदी का सहारा लेना पड़ रहा है। अनुवाद, कंटेंट राइटिंग और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में हिंदी के जानकारों की बढ़ती मांग इसे एक ‘कैरियर ओरिएंटेड’ भाषा बना रही है।
संस्थान की कुलसचिव डाॅ. सुनीता चन्द्रा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने और संस्थान के शैक्षणिक वातावरण में इसके महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन डॉ. सुशील कुमार सिंह ने किया, जबकि स्वागत संबोधन डॉ. अनुराग त्रिपाठी (सदस्य सचिव) द्वारा दिया गया। कार्यक्रम के अंत में उप-कुलसचिव डॉ. हिमांशु पाण्डेय ने सभी अतिथियों, शिक्षकों और कर्मचारियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में प्रलेखन अधिकारी, राजेश कुमार मिश्र,सहायक कुलसचिव, प्रमोद कुमार सिंह,सुनील कुमार,प्रो उमेश चन्द्र सिंह,प्रो उमेश सिंह, भगवान पांडेय डॉ.शुचिता,डाॅ,ज्योति, डाॅ भावना एवं श दीपंकर
सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे।

