काशी में उमड़ेगा आस्था का जनसैलाब: 23वें वर्ष में ऐतिहासिक होगी श्री हनुमान ध्वज यात्रा।

वाराणसी। धर्मनगरी काशी में भगवान शिव के 11वें रुद्र अवतार संकटमोचन हनुमान जी के जन्मोत्सव पर इस वर्ष भव्य “श्री हनुमान ध्वज यात्रा” का आयोजन किया जा रहा है। श्री हनुमत सेवा समिति, नेवादा द्वारा आयोजित यह यात्रा अपने 22 वर्ष पूर्ण कर 23वें वर्ष में प्रवेश करते हुए नया इतिहास रचने को तैयार है।
रविवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार) को प्रातः 7 बजे भिखारीपुर तिराहे से षोडशोपचार पूजन और भव्य आरती के बाद यात्रा का शुभारंभ होगा। यात्रा श्री संकटमोचन दरबार तक पहुंचेगी, जहां हजारों श्रद्धालु नंगे पांव दर्शन के लिए पहुंचेंगे।
मुख्य आकर्षण:
यात्रा में इस बार 1100 गदाधारी भक्त विशेष आकर्षण होंगे, जिनके हाथों में गदा शक्ति और भक्ति का अद्भुत प्रदर्शन करेगी। वहीं 5100 लाल-केसरिया ध्वजों से पूरा आकाश गुंजायमान रहेगा। इसके अलावा 100 से अधिक डमरू वादकों की टोली वातावरण को शिव-शक्ति की ऊर्जा से भर देगी।
भक्तों की सेवा के लिए भिखारीपुर तिराहा से लेकर संकटमोचन मंदिर तक 250 से अधिक सेवा स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां फल, मिठाई, जूस, छाछ, लस्सी, फलाहार और ड्राईफ्रूट्स का वितरण किया जाएगा।
देशभर से आएंगे श्रद्धालु:
इस भव्य यात्रा में पूर्वांचल के जनपदों के साथ-साथ महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, झारखंड, उत्तराखंड, राजस्थान और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों से करीब 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। यात्रा में आकर्षक झांकियां भी निकाली जाएंगी, जिनमें रामदरबार, शिव-पार्वती और हनुमान जी के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन होंगे।
विशेष प्रसाद की व्यवस्था:
समिति द्वारा 501 किलोग्राम शुद्ध देशी घी के लड्डू प्रसाद के रूप में तैयार कराए जा रहे हैं, जिनका वितरण श्रद्धालुओं में किया जाएगा।
पत्रकार वार्ता को समिति के अध्यक्ष रामबली मौर्य, कोषाध्यक्ष अजय मौर्य और संरक्षक डॉ. संतोष ओझा ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल आयोजन नहीं, बल्कि काशी की अटूट आस्था और समाज कल्याण का प्रतीक है।

