Chandigadh hariyana News: हरियाणा को थैलेसीमिया मुक्त बनाने के लिए जागरूकता और जनभागीदारी जरूरी

धारा लक्ष्य समाचार पत्र

चंडीगढ़। “आइए, मिलकर हरियाणा को थैलेसीमिया मुक्त बनाने का संकल्प लें” के संदेश के साथ प्रदेश में थैलेसीमिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इसके रोकथाम अभियान को गति देने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार, स्वास्थ्य विभाग और सामाजिक संगठनों द्वारा लोगों से अपील की जा रही है कि वे समय रहते जांच कराएं और इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक बनें।

थैलेसीमिया एक अनुवांशिक रक्त विकार है, जिसमें शरीर पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ हीमोग्लोबिन नहीं बना पाता। इस बीमारी से पीड़ित बच्चों को जीवनभर नियमित रक्त चढ़ाने की आवश्यकता पड़ती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जागरूकता, समय पर जांच और विवाह पूर्व थैलेसीमिया स्क्रीनिंग के माध्यम से इस बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा युवाओं और अभिभावकों से अपील की जा रही है कि विवाह से पहले थैलेसीमिया जांच अवश्य कराएं। यदि दोनों व्यक्ति थैलेसीमिया माइनर पाए जाते हैं, तो उनके बच्चों में थैलेसीमिया मेजर होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में समय रहते सही परामर्श और जांच बेहद आवश्यक है।

प्रदेशभर में विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों, मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संस्थाओं के माध्यम से लोगों को थैलेसीमिया के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में जानकारी दी जा रही है। साथ ही रक्तदान शिविरों का आयोजन कर थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों की सहायता के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समाज और सरकार मिलकर प्रयास करें तो आने वाले समय में हरियाणा को थैलेसीमिया मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इसके लिए जनजागरूकता, नियमित जांच और सामाजिक सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण कदम हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लें और स्वस्थ एवं जागरूक समाज के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें।

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