धारा लक्ष्य समाचार पत्र
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत करोड़ों रुपये की सहायता राशि लाभार्थियों के खातों में जारी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है तथा पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लाडो लक्ष्मी योजना की सातवीं किस्त के तहत 9.76 लाख लाभार्थियों के खातों में 205 करोड़ रुपये की राशि जारी की। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके जीवन स्तर में सुधार लाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रही है।
इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा संचालित 18 सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के माध्यम से 35.62 लाख लाभार्थियों को 1146.73 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, विधवाओं और अन्य जरूरतमंद वर्गों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार लगातार विद्यार्थियों को प्रोत्साहित कर रही है। इसी क्रम में 64,923 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के रूप में 100.45 करोड़ रुपये की राशि प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है और सरकार मेधावी एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों को हर संभव सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।
दयालु योजना के तहत 5,677 परिवारों के खातों में 215.29 करोड़ रुपये की सहायता राशि भेजी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों को कठिन परिस्थितियों में आर्थिक सहारा प्रदान करना है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
वहीं, उज्ज्वला एवं अन्य संबंधित योजनाओं के अंतर्गत 11.23 लाख महिलाओं को गैस सिलेंडर सब्सिडी के रूप में 38.54 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को राहत देने और घरेलू खर्च का बोझ कम करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार अंत्योदय की भावना के साथ कार्य कर रही है और यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखें, ताकि आमजन का विश्वास और मजबूत हो सके।
