Varanasi UP…वाराणसी: शिक्षा विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का द्विवार्षिक चुनाव सम्पन्न, नई कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित।

वाराणसी: शिक्षा विभाग चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ का द्विवार्षिक चुनाव सम्पन्न, नई कार्यकारिणी निर्विरोध निर्वाचित।

वाराणसी, उत्तर प्रदेश चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ से संबद्ध शिक्षा विभाग, जनपद-वाराणसी शाखा का द्विवार्षिक चुनाव रविवार को उत्साहपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। चुनाव प्रक्रिया महासंघ की देखरेख में आयोजित की गई, जिसमें सभी पदों पर सर्वसम्मति बनी और पूरी नई कार्यकारिणी का चयन निर्विरोध रूप से किया गया।

चुनाव के दौरान संगठन से जुड़े कर्मचारियों में खासा उत्साह देखने को मिला। 

बैठक में संगठन की मजबूती, कर्मचारियों की समस्याओं तथा भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। सर्वसम्मति से चुनी गई नई कार्यकारिणी चतुर्थ श्रेणी राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता की देखरेख में हुई बैठक में नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। संगठन के सदस्यों ने सर्वसम्मति से निम्नलिखित पदाधिकारियों का चयन किया—

अध्यक्ष — इंदु सिंह मंत्री — संतोष कुमार वरिष्ठ उपाध्यक्ष — चंद्रशेखर गौतम कोषाध्यक्ष — देवनाथ यादव

ऑडिटर — राधेश्याम सिंह

नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का उपस्थित कर्मचारियों ने स्वागत किया तथा संगठन को मजबूत दिशा देने की उम्मीद जताई।

हर दो वर्ष में होता है संगठन का लोकतांत्रिक चुनाव इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रामचंद्र गुप्ता ने चुनाव प्रक्रिया के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राज्य कर्मचारी संगठनों में हर दो वर्ष पर द्विवार्षिक चुनाव आयोजित किए जाते हैं। इसका उद्देश्य संगठन को नया नेतृत्व प्रदान करना तथा कर्मचारियों की समस्याओं को संगठित रूप से शासन और प्रशासन तक पहुंचाना होता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा विभाग कई चुनौतियों से गुजर रहा है। लगातार कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन उनके स्थान पर नई नियुक्तियां नहीं हो रही हैं, जिससे कार्य का दबाव बढ़ रहा है। ऐसे समय में कर्मचारियों के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए संगठन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है। कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को मिलेगी प्राथमिकता जिलाध्यक्ष ने कहा कि नवनिर्वाचित पदाधिकारी अपने दो वर्षीय कार्यकाल में कर्मचारियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देंगे। विभागीय स्तर से लेकर बीएसए कार्यालय और जिलाधिकारी स्तर तक यदि कर्मचारियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है,

 

 तो संगठन आपसी समन्वय और संवाद के माध्यम से समाधान निकालने का पूरा प्रयास करेगा।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में शिक्षा विभाग में लगभग 30 से 40 कर्मचारी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। आगामी दिनों में कार्यकारिणी की अगली बैठक आयोजित कर संगठन के विस्तार, सदस्यता अभियान तथा भविष्य की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने संगठन की एकता बनाए रखने तथा कर्मचारी हितों के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।

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