वन विभाग की टीम ने कई दिनों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बाघिन व उसके शावक को पिंजरे में किया कैद
धारा लक्ष्य समाचार श्रवण कुमार सिंह

गोला गोकर्णनाथ(खीरी)। दक्षिणी खीरी वन प्रभाग के महेशपुर वनरेंज क्षेत्र के ग्राम अजान इमलिया घरथनिया मूड़ा जवाहर, मूड़ा अस्सी सहित तमाम गांवों में पिछले एक साल से खौफ का पर्याय बनी खूंखार बाघिन को वन विभाग की टीम ने मंगलवार की देर शाम ट्रेंकुलाइज कर पिंजरे में कैद कर लिया है।
बीते दिनों 12 अप्रैल को मूड़ा जवाहर निवासी मुन्ना लाल अपने तीन भाईयों के साथ गन्ने की जुताई करने गये थे। इस बीच झाड़ियों मे छिपी बैठी बाघिन ने उन पर हमला कर घायल कर दिया था। इसके बाद गुस्साये ग्रामीणों ने गोला सिकंद्राबाद मार्गं को जामकर विरोध प्रदर्शन किया था। बाद मे एक बार फिर हरकत में आये वन विभाग के आधिकारियों ने बाघिन को पकड़ने के लिए 10 कैमरे दो मचान दो पिंजरे सहित तीन अलग-अलग टीमों में शामिल 30 लोगों को बाघिन को पकड़ने में लगाया गया था। कई दिनों चले सर्च आपरेशन के

बाद आखिरकार मंगलवार की शाम करीब 6 बजे वनकर्मियों और पशु चिकित्सकों की टीम ने शिकार को खाने निकली बाघिन को ट्रेंकुलाइज कर दिया।फिर उसे पिंजरे में कैद कर दिया गया।
इधर रेंजर निर्भय प्रताप सिंह ने बताया कि बाघिन की उम्र पांच छः साल के करीब है। बाघिन को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।पशु चिकित्सकों की टीम से उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया बाघिन व उसका एक शावक बिल्कुल ठीक है। एक शावक अभी बचा जो पकड़ा नहीं गया है। सर्च आपरेशन चल रहा है उसको भी हमारी टीम जल्द पकड़ लेगी उच्चाधिकारियों के आदेश के बाद बाघिन को सुरक्षित जंगल में छोड़ा जायेगा।
पिंजरे में कैद कर ली गई आदमखोर बाघिन
