जिला रिपोर्टर धारा लक्ष्य समाचार पत्र
बछरावां रायबरेली। विधानसभा क्षेत्र के किसानों पर बाढ़ कहर बनकर टूटी है। शिवगढ़, महराजगंज, नेरथुवा, कसरावां ड्रेन समेत हसवां ताल और सिकन्दपुर मूंग ताल का पानी हजारों एकड़ खेतों को डुबो चुका है। धान सहित कई फसलों की पूरी पैदावार चौपट हो गई है। अब खेत हरियाली के बजाय पानी का समंदर और बर्बादी की तस्वीर पेश कर रहे हैं।
सबसे ज़्यादा प्रभावित ग्राम पंचायतों में बेडारू, ढेकवा, रानीखेड़ा, नेरथुवा, बसन्तपुर-सकतपुर, गूढ़ा, हलोर, पुरासी, मोन और कुबना शामिल हैं। इन गांवों के अलावा भी कई अन्य इलाकों में फसलें पूरी तरह पानी में डूबकर नष्ट हो चुकी हैं। किसानों का आरोप है कि प्रशासन और सिंचाई विभाग की घोर लापरवाही ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
उनका कहना है कि अगर समय रहते ड्रेनों की मानक के अनुसार सफाई हुई होती तो हालात इतने भयावह न होते। इसी मुद्दे को लेकर बुधवार को किसानों ने भाजपा नेता व पूर्व विधायक रामलाल अकेला के नेतृत्व में उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग की कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कराया जाए और उसके आधार पर उन्हें उचित मुआवज़ा दिया जाए। साथ ही बरसात के बाद सभी ड्रेनों की पुख़्ता सफाई कराई जाए,
वरना हर साल यही तबाही दोहराई जाएगी। फिलहाल किसान प्रशासन की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि उनकी तबाही का दर्द सुना जाए और उन्हें जल्द राहत मिले। पूर्व विधायक रामलाल अकेला ने कहा किसानों की मेहनत पानी में डूब गई है। प्रशासन और सिंचाई विभाग की लापरवाही से यह स्थिति बनी है। हमारी मांग है कि तुरंत सर्वे कराकर किसानों को मुआवज़ा दिया जाए और ड्रेनों की सफाई समय पर कराई जाए, ताकि भविष्य में यह त्रासदी दोबारा न हो।

