जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
रायबरेली। जो पुलिस कर्मी खाना खाने के बाद पैसा नहीं दिया और विरोध करने पर ढाबा संचालक के नाक और मुंह से खून निकाल लिया उन सिपाहियों को विभाग बचाने में जुट गया है। ढाबा संचालक के मुताबिक मारपीट के बाद उपरोक्त दोनों सिपाही ढाबा पर लगे सीसीटीवी कैमरे नोच कर उठा ले गए कि उनकी कारतूस सामने ना आ सके सूत्र बताते हैं कि पुलिस सीसीटीवी वापस देने की बजाए उसी को ढाल बनाकर ढाबा संचालक को उल्टा फसाने की साजिश रच सकती है।
पुलिस इस फिराक में है कि ढाबा संचालक शराब पीलवा रहा था लेकिन सवाल यह है कि थाना से 500 मीटर दूरी पर अगर वह शराब पीलवा रहा था तो अब तक पुलिस क्या कर रही थी क्या वसूली की आड़ में अब तक पुलिस कोई कार्रवाई नहीं की। जब स्वयं पुलिस सवालों के घेरे में गिर गई तो नियम कानून पैदा हो गए। फिलहाल अभी तक ना तो पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा लिखा गया है ना ही सीसीटीवी कैमरा और अन्य सामग्री वापस की गई है।
जबकि ढाबा संचालक की हालत नाजुक है स्थानीय डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया है लेकिन बिना पुलिस के हो सकता है कि उसे भर्ती ना लिया जाए। जबकि ढाबा संचालक ने पुलिस को तहरीर दी है लेकिन पीड़ित के मुताबिक पुलिस के कहना कि 2 दिन में समझ लिया जाएगा। अभी रात 8 बजकर 40 मिनट पर ढाबा संचालक से बात करने पर पता चला है कि जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखकर भर्ती कर लिया है।

