जिला रिपोर्टर रोहित मिश्रा रायबरेली
गंगा एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए की जा रही मिट्टी खनन की कार्रवाई पर सोमवार को परशदेपुर क्षेत्र के बंगला मजरे फागूपुर में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बिना पूर्व सूचना के पहुंचे जेसीबी और डंपरों ने जब किसानों की जमीन से मिट्टी निकालनी शुरू की तो सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और खनन कार्य रुकवा दिया। आक्रोशित ग्रामीणों ने जेसीबी और डंपरों को खदेड़ दिया।
इतना ही नहीं, कई डंपरों को ग्रामीणों ने रास्ते में रोक लिया और जोरदार हंगामा किया। इसके बाद सभी ग्रामीण सलोन–जायस मार्ग पर केसवापुर गांव के पास एकत्र हो गए, जिससे माहौल गर्म हो गया। सूचना पर कोतवाली सलोन से उपनिरीक्षक जयप्रकाश तिवारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन से मिट्टी निकाली जा रही है, उस पर वे वर्षों से खेती कर रहे हैं। फागूपुर निवासी कंचन यादव ने कहा कि अगर यह जमीन ली जाती है तो बदले में हम किसानों को दूसरी जमीन दी जानी चाहिए। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि नदी का बहाव भूमि धरी जमीन में है।
, ऐसे में किसान कहाँ जाएं।प्रधान गणेश यादव ने उपजिलाधिकारी चंद्र प्रकाश से बातचीत कर मामले को संज्ञान में लिया। इस पर एसडीएम ने बताया कि खनन केवल सरकारी जमीन से किया जा रहा है, किसानों की निजी भूमि से नहीं। बावजूद इसके, ग्रामीण इस आश्वासन से संतुष्ट नहीं हुए और अपनी मांगों पर अड़े रहे।

